प्रशासन ने की अपील, फसल मित्र कीटों और पोषक तत्वों को भी नुकसान
बक्सर : खेतों में फसलों के बचे हुए पुआल, भूसा, खुट्टी आदि जलाये जाने से अगलगी की घटनाएं घट रही हैं. खेतों में अवशेष को जलाना दुर्घटना के लिहाज से तो खतरनाक है ही, मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी नुकसान पहुंचानेवाला है. कई बड़ी घटनाएं घट चुकी हैं. इसकी जानकारी देते हुए डीएओ ने बताया कि लोग जानकारी व जागरूकता के अभाव में अवशेषों को खेत में ही जला दे रहे हैं. जो थोड़ी सी लापरवाही के कारण दुर्घटना के साथ ही खेत की उर्वरा शक्ति को भी नष्ट कर रहा है. वहीं,प्रशासन ने कहा कि जो लोग खेतों में अवशेष को जलाते पकड़े जायेंगे उनके ऊपर कार्रवाई भी की जायेगी़
क्या होता है नुकसान
फसलों के अवशेष खेत में जलाने से मिट्टी में मौजूद जैविक कार्बनिक पदार्थ जल जाता है और धीरे-धीरे मिट्टी बंजर होने लगती है. इसके अलावा खेतों में बहुत सारे ऐसे सूक्ष्म जीवाणु केंचुआ आदि होते हैं जो फसलों के मित्र कहे जाते हैं. ये भी आग से नष्ट हो जाते हैं. नाइट्रोजन भी नष्ट हो जाता है. साथ ही वातावरण में कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाने से प्रदूषण भी बढ़ता है जो आम जन जीवन के लिए काफी हानिकारक है.
