ओवरलोडेड वाहनों पर अंकुश नहीं

जांच के नाम पर विभाग करता है महज खानापूर्ति चौसा : क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के चलते इन दिनों ओवरलोडेड बालू लदे ट्रकों का परिचालन बेरोक-टोक धड़ल्ले से जारी है. बक्सर-सासाराम व चौसा-मोहनिया मुख्य मार्गों पर ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन से एक तरफ सड़कें क्षतिग्रस्त हो […]

जांच के नाम पर विभाग करता है महज खानापूर्ति

चौसा : क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के चलते इन दिनों ओवरलोडेड बालू लदे ट्रकों का परिचालन बेरोक-टोक धड़ल्ले से जारी है. बक्सर-सासाराम व चौसा-मोहनिया मुख्य मार्गों पर ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन से एक तरफ सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर सरकार के राजस्व की भारी क्षति पहुंच रही है. भारी वाहनों के बेधड़क परिचालन से कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं. ऐसा भी नहीं की उक्त सड़कों पर परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा ओवरलोडेड वाहनों की जांच नहीं की जाती, लेकिन जांच महज एक कोरम बनकर रह जाती है.
बक्सर गंगा ब्रिज पर भारी वाहनों के परिचालन पर पाबंदी लगाने के बाद से ही ओवरलोडेड सैकड़ों वाहनों का आना-जाना प्रतिदिन चौसा यादव मोड के रास्ते कर्मनाशा नदी पुल पार कर उत्तरप्रदेश में लगा रहता है, जिससे कर्मनाशा नदी पुल भी धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगा है. ऐसा नहीं कि विभाग द्वारा ओवरलोडेड वाहनों की जांच नहीं की जाती, परंतु जैसे ही विभागीय पदाधिकारियों का मार्ग पर आने की सूचना होती सभी वाहनें अखौरीपुर गोला से पहले सड़कों के किनारे खड़ी हो जाती हैं. ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन पर अंकुश नहीं लगने के चलते प्रशासन के खिलाफ लोगों में काफी नाराजगी है.
जान हथेली पर रख बस की छत पर बैठे यात्री.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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