पहुंच रहे मौसम जनित बीमारियों के अधिक मरीज
डुमरांव : करोड़ों रुपये की लागत से भले ही अनुमंडल अस्पताल का भवन चकाचक दिख रहा हो, लेकिन अस्पताल में सिरिंज, काटन, स्प्रीट, सलाइगन सेट, ग्लपस सहित चर्म रोग से संबंधित दवाएं नदारद हैं. अस्पताल में एएनएम, ममता की मनमानी भी चरम पर है. एक दो माह पहले मरीज के परिजन ने एएनएम पर पैसा लेने का आरोप लगया था. बिहार सरकार के उच्च अधिकारियों की जांच में प्रबंधन की लापरवाही भी उजागर हो चुकी है. बावजूद अस्पताल की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही. अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी कमी है, जिसके कारण दूरदराज से पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
आज कल ठंड-गर्म मौसम रहने से मौसमजनित बीमारियों के मरीजों की संख्या में सोमवार को वृद्धि दिखी. अस्पताल में मौजूद विनीश कुमार कहते हैं कि मौसम जनित बीमारी के मरीज अधिकतर पहुंच रहे हैं. करोड़ों रुपये की लागत से बने अनुमंडल अस्पताल को फेमली फ्रेंडली इम्यूमिटी का दर्जा भी प्राप्त है. अस्पताल में स्वीकृत पद के अनुसार चिकित्सक, ए ग्रेड एएनएम, विभागीय तकनीशियन सहित स्वास्थ्य कर्मियों के नहीं पदस्थापित किया गया है. अस्पताल सूत्रों की मानें, तो कफ सिरप और एंटिवायटिक दवा पांच-छह दिन ही चलेगी. इस संबंध में अनुमंडल अस्पताल उपाधीक्षक डॉ नागेंद्र प्रसाद कहते हैं कि एएनएम व स्वास्थ्य कर्मी की अस्पताल में कमी व दवा को लेकर समय-समय पर जिला मुख्यालय को अवगत कराया जाता है. प्रयास रहता है कि जो अस्पताल में संसाधन व मानव बल मौजूद हैं, उन्हीं के सहारे मरीजों को बेहतर सुविधा दी जाये.
