मुखाग्नि देते ही फफक पड़े पिता

श्मशान घाट पर मायूस बैठे परिजन. बक्सर : इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में अपनी जान गंवा चुकी कोमल के पिता पुष्पजीत सिंह उस समय फिर एक बार फफक पड़े, जब वे अपनी लाडली बेटी को चरित्रवन स्थित श्मशान घाट पर मुखाग्नि दिये. इस ह्दय विदारक दृश्य को देख सभी की आंखों में आंसू छलक पड़े. […]

श्मशान घाट पर मायूस बैठे परिजन.

बक्सर : इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में अपनी जान गंवा चुकी कोमल के पिता पुष्पजीत सिंह उस समय फिर एक बार फफक पड़े, जब वे अपनी लाडली बेटी को चरित्रवन स्थित श्मशान घाट पर मुखाग्नि दिये. इस ह्दय विदारक दृश्य को देख सभी की आंखों में आंसू छलक पड़े. पूरी तरह माहौल गमगीन हो गया और संध्या सात बजे श्मशान घाट पर चिता की लौ देख आंखों के आंसू नहीं थम रहे थे. सब कुछ समाप्त होने जैसा लग रहा था. जिंदगी कब किस करवट बदलेगी.
इसका शास्वत ज्ञान हो रहा था, जिस बेटी को कन्या दान देने का सपना पाल रखे थे आज उसे मुखाग्नि दे रहे थे. यह सोच कलेजा फट रहा था. परंतु, आखिर क्या किया जा सकता है. इस सच को मानते हुए सभी शांत थे. फिर एक बाप का दिल कैसे माने कि उसकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही.
निर्देश मिलते ही मिलेगा मुआवजा : डीएम
मुआवजे के लिए अभी किसी तरह का निर्देश नहीं मिला है और न कोई पत्र आया है. जैसे ही निर्देश मिलेगा. मृतक के परिजन को मुआवजा दिया जायेगा.
रमण कुमार, डीएम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >