रुपये एक्सचेंज को कम आ रहे लोग
बक्सर : नोट बंदी के फैसले के बाद बैंकों में पुराने नोटों को बदलने को लेकर काफी भीड़ लगी रहती थी, लेकिन केंद्र सरकार के मतदान की तर्ज पर रुपये एक्सचेंज कराते वक्त स्याही लगाने के फैसले ने बैंकों की भीड़ कम कर दी है. इस संबंध में अग्रणी बैंक के प्रबंधक जे चक्रवर्ती ने कहा कि जब से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने यह फैसला सुनाया है. उसके बाद से नोट एक्सचेंज करनेवालों की संख्या कम हो गयी है.
इसके पहले बैंक की एक शाखा में लगभग 250 से भी अधिक लोग पुराने नोट बदलने के लिए आते थे, लेकिन अब यह संख्या 200 तक ही सीमित हो गयी है. इससे पहले केंद्र सरकार के निर्देश पर एक आइडी पर एक सप्ताह में एक बार ही नोट एक्सचेंज करने का आदेश सुनाया था, लेकिन लोगों ने इसका भी हल निकाल रखा था. लोग अलग-अलग आइडी से विभिन्न बैंकों की शाखा से रुपये एक्सचेंज कराते थे, जिस पर अब पूरी तरह नकेल कस जायेगा. उल्लेखनीय है कि नोट बंदी के 11 दिन बाद बैंकों की भीड़ तो थम गयी, लेकिन एटीएम की स्थिति उसी तरह है. लोग रुपये निकासी को लेकर सुबह से एटीम पर जमा रहते हैं. एटीएम में रुपये डाले जायेंगे या नहीं इसकी चिंता छोड़ वह लाइन में खड़े रहते हैं. लोगों ने कहा है कि यदि एटीएम में रुपये डाले गये, तो उनको रुपये जरूर मिलेंगे.
ग्रामीण क्षेत्रों में 11वें दिन भी लोग रहे परेशान
इटाढ़ी. केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ हजार रुपये के नोट बंद करने के निर्देश के 11वें दिन भी प्रखंड के विभिन्न बैंकों से रुपये निकासी को लेकर लोगों की लंबी लाइन कम नहीं हुई. वहीं, एसबीआइ के फैसले ने डाकघर की ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है. डाकघर से रुपये की निकासी का कार्य बाधित है, जिससे डाकघर के ग्राहकों की परेशानी और भी बढ़ गयी है.
वहीं, बैंकों में रुपये नहीं होने के कारण लोगों में मायूसी छायी है. शुक्रवार को पंजाब नेशनल बैंक का लिंक फेल होने के कारण घंटों कार्य बाधित रहा. हालांकि पंजाब नेशनल बैंक की एटीएम से पैसा निकासी के लिए लंबी लाइन लगी रही
