गंगा घाटों की होगी बैरिकेडिंग

जिला प्रशासन ने जारी की संवेदनशील व खतरनाक छठ घाटों की सूची बक्सर : लोकआस्था के महापर्व छठ को ले जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयारी में जुट गया है. घाटों की सफाई से लेकर लोगों की सुरक्षा तक की व्यवस्था करने में प्रशासन जुट गया है. इसी कड़ी में विधि-व्यवस्था का कमान जिलाधिकारी ने […]

जिला प्रशासन ने जारी की संवेदनशील व खतरनाक छठ घाटों की सूची

बक्सर : लोकआस्था के महापर्व छठ को ले जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयारी में जुट गया है. घाटों की सफाई से लेकर लोगों की सुरक्षा तक की व्यवस्था करने में प्रशासन जुट गया है. इसी कड़ी में विधि-व्यवस्था का कमान जिलाधिकारी ने बक्सर व डुमरांव के एसडीओ समेत संबंधित एसडीपीओ को दिया है. इसके अलावा पर्व को लेकर सभी सीओ, बीडीओ, सिविल सर्जन, रेड क्रॉस सोसाइटी समेत अन्य एजेंसियों को पत्र जारी किया गया है, जिसमें महापर्व छठ को ले नदियों,
तालाबों घाटों पर छठव्रतियों या श्रद्धालुओं की सुविधा संभावित दुर्घटना या भीड़-भार को ध्यान में रखते हुए अभी से ही कार्य योजना तैयार कर लिया जाये. इसके साथ ही जिले में खतरनाक नदी घाटों को चिह्नित कर बैरिकेडिंग कराने को कहा गया है. इसकी निगरानी चौकीदार पुलिसकर्मी करेंगे.
ये चौकीदार पुलिस खतरनाक घाटों पर छतव्रतियों को नहीं जाने देंगे. स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जायेगी. स्वयंसेवकों समेत सभी मजिस्ट्रेट ड्रेस में रहेंगे. खतनाक घाटों की बैरिकेडिंग कर उन पर लाल झंडा लगाया जायेगा. ऐसे स्थानों पर विशेष तौर से सुरक्षा के इंतजाम किये जायेंगे.
एसडीआरएफ की टीम के लिए विभाग को भेजा गया पत्र : घाटों पर सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने राज्य आपदा विभाग को एसडीआरएफ की टीम के लिए पत्र भेजा है. इस बाबत सदर एसडीओ गौतम कुमार ने बताया कि पिछले साल एसडीआरएफ टीम की तैनाती हुई थी. दुर्गापूजा में जो हादसा हुआ, उसे देखते हुए विभाग से एसडीआरएफ टीम की मांग की गयी है. सूत्रों के अनुसार इनफेलेटेबल मोटर बोट भी तैयार हैं. ये सदर बक्सर के घाटों पर रहेंगे. हालांकि जिला प्रशासन ने अपने स्तर से भी कई प्रकार की सुरक्षात्मक तैयारी पूरी करायी है, ताकि संवेदनशील और खतरनाक जगहों पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की जा सके.
घाटों पर मेडिकल टीम रहेगी तैनात : नदी किनारे किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए मेडिकल टीम की तैनाती छठ घाटों पर की जा रही है. इसकी जिम्मेदारी सिविल सर्जन को दी गयी है. इस टीम में डॉक्टरों के अलावा पारा मेडिकल स्टाफ भी रहेंगे. जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को टीम को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है.
यातायात व्यवस्था पर रहेगी विशेष नजर : पहले व दूसरे अर्घ के दौरान घाटों से जुड़ी सड़कों पर जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है. इससे निबटने के लिए सभी थानाध्यक्षों को पार्किंग बनवाने व ट्रैफिक कंट्रोल का आदेश दिया गया है. इसके लिए अभी ही कार्ययोजना तैयार कर लेने को कहा गया है. यदि इसमें लापरवाही हुई, तो उन पर कार्रवाई भी हो सकती है. ट्रैफिक व्यवस्था इस प्रकार की होगी कि छठव्रतियों को आवागमन में परेशानी न हो सके.
निजी नावें चलीं, तो होगी कार्रवाई :
छठपूजा के दौरान एक भी निजी नाव नदियों में नहीं चलेंगी. पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है. यह देखा गया है कि छठपूजा के दौरान एक ही नाव पर काफी लोग सवार होकर एक घाट से दूसरे घाट तक जाते हैं और ओवरलोड नाव होने के कारण नाव पलट जाती है. इसके कारण बड़ी घटना घट सकती है. इस लिए यह निर्णय लिया गया है.
घाटों पर गोताखोर और मोटर बोट भी रहेंगे उपलब्ध : सभी खतरनाक चिह्नित घाटों पर निजी नावचालकों के अलावा इनफ्लोटेबल मोटरबोट, गोताखोर, लाइफ जैकेट की व्यवस्था रहेगी. नदी में डूबने की घटना होने से निबटने के लिए महाजाल भी रहेगा. गोताखोर मोटर बोट चालक नदी में 24 घंटे क्रियाशील रहेंगे. इसके लिए जिला प्रशासन ने जिले के सभी प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ बैठक की है.
जिले के चिह्नित 24 खतरनाक घाट :
बक्सर : छोटकी सरिमपुर घाट, शिवाला घाट, रानी घाट, बुढ़वा शंकर घाट, फुआ या कोहरा घाट, जहाज घाट, सुमेश्वर स्थान घाट, अहिरौली गंगा घाट, अर्जुनपुर गंगा घाट, चुरामनपुर पोखरा, कृतपुरा घाट, कम्हरियां घाट व मिश्रवलिया घाट
चौसा : महादेव घाट, बाजार घाट, बारे मोड़ घाट, रानी घाट, चौबाह बाबा घाट, धर्मावती नदी घाट व चुन्नी पोखरा घाट
इटाढ़ी : इटाढ़ी बाजार ठोरा नदी घाट, ठोरा नदी पकड़ी पुल घाट, कुकुढ़ा तालाब घाट व वसुधर स्थित ठोरा नदी घाट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >