लोकतंत्र में आलोचना व असहमति जरूरी : प्रसाद
बक्सर : स्टेशन रोड स्थित नगर भवन में आयोजित दस दिवसीय पुस्तक मेले में तीसरे दिन भी पुस्तक प्रेमियों की भीड़ रही. प्रत्येक बुक स्टॉल पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ जुटी रही. पुस्तक मेले में बुधवार को हिंसा के विरुद्ध लोक समाज एवं सृजन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ था. कार्यक्रम की अध्यक्षता […]
बक्सर : स्टेशन रोड स्थित नगर भवन में आयोजित दस दिवसीय पुस्तक मेले में तीसरे दिन भी पुस्तक प्रेमियों की भीड़ रही. प्रत्येक बुक स्टॉल पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ जुटी रही. पुस्तक मेले में बुधवार को हिंसा के विरुद्ध लोक समाज एवं सृजन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ था. कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकार राम मुरारी ने की.
विषय प्रवर्तन करते हुए डुमरांव के वयोवृद्ध सामाजिक, राजनीतिक चिंतक सत्यनारायण प्रसाद ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश या समाज के लिए आलोचना आवश्यक है. डुमरांव के ही पत्रकार खुर्शीद आलम ने कहा कि यदि आलोचना नहीं होगी, तो समाज विकास नहीं कर सकता है. शिक्षक शिवाजी सिंह ने कहा कि लोकतंत्र के लिए विमर्श, आलोचना और असहमतियों को सम्मान आवश्यक है.
इन प्रकाशकों की मौजूद हैं पुस्तकें
पुस्तक मेले में पाठकों की रुचि के अनुसार पुस्तकों को मंगाया गया है, जिसमें राज कमल, लोक भारती, राधा कृष्ण, सार्थक प्रकाशन समेत अन्य कई प्रकाशकों की विभिन्न विषयों पर पुस्तकें उपलब्ध हैं. एकलव्य विद्यालय के बच्चों ने किया भ्रमण : नगर के एकलव्य पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने पुस्तक मेले का आनंद लिया. विद्यालय के छात्र व शिक्षक मेले में पहुंच कर पुस्तकों की खरीदारी किये. विद्यालय के प्राचार्य ओम प्रकाश पटेल ने छात्रों को पुस्तकों से परिचय कराते हुए उन्हें किताबों की विशेषताओं को बताया.
पुस्तक मेले में खूब जुट रहे पाठक
पुस्तक मेले में पुस्तक देखते बच्चे.