दुखद . सुरक्षा का नहीं था कोई इंतजाम, अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन
बक्सर / चौसा : भक्तिमय माहौल में दिल को झकझोर देने वाली घटना बक्सर मेंके केसुरेंजागांवमेंचौसा में घटित हुई है. मूर्ति विसर्जन के दौरान चार लोग गंगा में लापता हो गये. शव की खोजबीन जारी है. देर शाम दो के शव मिल गये थे, जबकि दो और तलाश जारी है. अधिकारी घटना स्थल पर जुटे हैं. बुधवार का दिन सरेंजा गांव के लिए काला दिन साबित हुआ. देखते ही देखते भक्तिमय माहौल चीख-पुकार में तब्दील हो गया. इस घटना ने प्रशासन के सभी दावों का पोल खोल कर रख दिया.
मुख्यालय से दस किलोमीटर की दूरी तय करने में जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम को ढाई घंटे लग गये. जिसका नतीजा लोग आक्रोशित हो उठे और सीओ की गाड़ी में आग लगा दी. स्थिति भयावह होते देख कई अधिकारी भाग खड़े हुए. बुधवार को तीन बजे के आसपास यह घटना घटित हुई. इस घटना के बाद सरेंजा गांव में चीख-पुकार मचा हुआ है. भीड़ में लोग अपनों की तलाश कर रहे हैं. लोगों की मानें तो घटना के बाद प्रशासन ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा.
पहले से प्रशासन रहता अलर्ट तो नहीं होता हादसा : प्रशासन का सारा दावा कागजों पर ही सिमटा रह गया. प्रशासन ने विसर्जन के दौरान सभी तरह की व्यवस्थाएं मौजूद रखने की बात कही थी, लेकिन इस घटना ने प्रशासन के सारे दावे की पोल खोल कर रख दी. लोगों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ काफी था. गुस्से का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि आक्रोशित भीड़ ने एक ही पल में सीओ की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया.
और बुझ गया संतोष के घर का चिराग : इस हादसे में संतोष ठठेरा का परिवार पूरी तरह से टूट गया है. दो बच्चे परमेश्वर कुमार और सूरज कुमार के डूबने से घर में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. संतोष बच्चों के दोनों बच्चे पढ़ाई करते थे. इसको लेकर संतोष ने कई सपने भी देखे थे.
सभी सपना एक ही पल में टूट गया.
