परिजनों का रो-रो कर हुआ बुरा हाल
राजपुर/चौसा : प्रतिमा विसर्जन के दौरान सरेंजा गांव के रहने वाले संतोष कुमार पिता स्व़ रामबचन कसेरा उम्र 40 वर्ष की पत्नी कल्यानी का रोते-रोते बुरा हाल हो गया है. रोते हुए कहती है कि कहवा गइल ए लाल…….अब कइसे बचिया के होई बियह………यह बात कहते कहते वह बेहोश हो जाती है़ इसकी 15 वर्षीय पुत्री उजाला भी रोकर कहती है कि कहवा गइल ए पापा. इनके दोनों पुत्र रोशन कुमार और रितिक कुमार भी बदहवाश हैं. वहीं इस घटना के बाद पूरे सरेंजा गांव में मातम की लहर है,
जबकि इस घटना के तुरंत बाद सरेंजा के सभी दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकान बंद करके चौसा स्थित महादेवा घाट पहुंच गये हैं. इस घटना के बाद उपस्थित ग्रामीणों और पूजा समितियों ने प्रशासन को दोषी ठहराते हुए कहा कि अगर पहले से बैरिकेडिंग किया गया होता तो इस तरह का बड़ा हादसा नहीं हो सकता था़ विदित हो कि इस घटना में इसके अलावा संतोष कुमार पिता स्व. सोबरन प्रसाद उम्र 42 वर्ष ,परमेश्वर कुमार पिता संतोष प्रसाद उम्र 12 वर्ष ,सूरज कुमार पिता संतोष प्रसाद उम्र 14 और संतोष वर्मा की गंगा में डूब गये.
इस संबंध में मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी श्रवण कुमार ने बताया कि चौसा पंप कैनाल मशीन के दक्षिण दिशा में 15-20 की संख्या में लोग मूर्ति लेकर जा रहे थे तभी अचानक पानी में पैर रखते ही सीधे बहुत गहरे गड्ढे में गिर गये इसके बाद अफरा तफरी का माहौल कायम हो गया़ जिसमें कुछ लोग किसी तरह से बाहर आ गये, लेकिन मूर्ति भारी होने से कुछ लोग अंदर चले गये़ बहुत देर तक खोजबीन जारी रही, देर शाम दो के शव मिल गये, जबकि दो की तलाश जारी है.
ऐसा क्या हुआ गुनाह, जिसकी मिली इतनी बड़ी सजा
घटना के बाद गंगा तट पर लोगों की भारी भीड़ जुट गयी थी, लोगों के मुंह से बस एक ही बात निकल रही थी ऐसा भी क्या गुनाह हुआ मां जिसकी इतनी बड़ी सजा गांव के लोगों को मिली. राजपुर थाना क्षेत्र के सरेंजा गांव के लोग मूर्ति का विसर्जन करने गये थे. प्रतिमा के साथ दो व्यक्ति व तीन किशोर अंदर चले गये. इतने में वे डूबने लगे. किसी को तैरना नहीं आता था. वहीं एक युवक मैन सिंह किसी तरह तैर कर बाहर आ गया जिससे उसकी जान बच गयी. अन्य चार पानी में समा गए. घटना करीब एक घंटे बाद चौसा सीओ जितेंद्र कुमार सिंह, बीडीओ अरविंद कुमार सिंह व मुफ्फसिल थाना प्रभारी आदित्य कुमार घटनास्थल पर पहुंचे.
इसी जगह दो माह पहले भी सरेंजा के एक युवक मौत नदी में डूबने से हो गयी थी
चौसा : सावन माह की अंतिम सोमवारी 18 अगस्त को जल भरी करने आये 18 वर्षीय युवक गोविंद जायसवाल गंगा में डूब गया था. उस समय गांव के साथियों के साथ चौसा महादेवा घाट पर गंगा नदी में जल भरी करने गया था. उफनाती गंगा में वह कैसे समा गया इसका पता लोगों को नहीं लग पाया था.
एक साथ चार लोगों की डूबने से सरेंजा गांव में मातम
प्रखंड के सरेंजा गांव के एक ही मुहल्ले के चार लोगों की गंगा में डूबने से गांव में अचानक कोहराम मच गया. गांव से तो सभी निकले थे दुर्गा माता की प्रतिमा का विसर्जन करने पर परंतु उनके परिजनों को क्या पता था कि चंद घंटे बाद उनके गंगा में डूबने की खबर मिलेगी. एक संतोष ठठेरा जिनके दोनों बेटे गंगा में डूब गये.जो राजपुर हाइ स्कूल में कक्षा नौवीं के छात्र थे. संतोष के दो ही पुत्र थे और दोनों गंगा की भेंट चढ़ गये. संतोष गांव-गांव फेरी कर बरतन बेच कर परिवार का भरण पोषण करता है.
सरेंजा के चार लोगों की मौत से गांव में नहीं जले चूल्हे
प्रतिमा विसर्जन करने आये सरेंजा गांव के चार लोगों की मौत से सरेंजा के पूरे गांव का माहौल काफी गमगीन हो गया.
हृदय विदारक घटना की खबर से पूरे गांव में घरों में चूल्हे नहीं जले. मृतकों के घरों पर ढांढस बंधाने के लिए देर रात तक भीड़ लगी रही.
