चार माह की बच्ची को मिली चाइल्ड लाइफ की ममता

डुमरांव स्टेशन पर जीआरपी को लावारिस हालत में मिली बच्ची बक्सर : डुमरांव स्टेशन पर बुधवार को एक तौलिया में चार माह की लिपटी बच्ची की रोने की आवाज से पूरा स्टेशन सख्ते में आ गया. बच्ची के पास मात्र एक दूध का बोतल था. आसपास के लोग भी बच्ची को उठाने से डर रहे […]

डुमरांव स्टेशन पर जीआरपी को लावारिस हालत में मिली बच्ची

बक्सर : डुमरांव स्टेशन पर बुधवार को एक तौलिया में चार माह की लिपटी बच्ची की रोने की आवाज से पूरा स्टेशन सख्ते में आ गया. बच्ची के पास मात्र एक दूध का बोतल था. आसपास के लोग भी बच्ची को उठाने से डर रहे थे, लेकिन बच्ची की रोने की आवाज ने स्टेशन पर बैठे लोगों का हृदय भेद कर रख दिया. यह घटना सुबह नौ बजे की. आनन-फानन ने लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय जीआरपी के जवानों की.
जवानों ने बच्ची को उठाकर पूरा स्टेशन छान मारा, लेकिन बच्ची को अपना कहनेवाला कोई नहीं मिला. जीआरपी ने दुधमुंहे बच्ची को चाइल्ड लाइन को सौंप दी. संस्था की पूजा पांडेय ने बताया कि जीआरपी ने अब तक चार बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंपा है. उन्होंने कहा कि चार माह की बच्ची का नाम श्रद्धा रखा जायेगा. इसके अलावा शंकर कुमार (3 वर्ष) को अपने परिजनों का पता नहीं मालूम. इसके कारण शंकर को चाइल्ड लाइन में ही रखा जायेगा.
वहीं, अंकुश कुमार (11 वर्ष) औरंगाबाद जिले के शिवपूरा थाना अंतर्गत तिलौथी के सुबोध शर्मा का पुत्र बता रहा है. संटू कुमार जिसकी उम्र 14 वर्ष है. अपने पिता का नाम राधेश्याम कुम्हार बता रहा है. दोनों बच्चों का काउंसेलिंग कर उनके परिजनों से बात की जायेगी. उसके बाद दोनों बच्चों को परिजनों के हवाले कर दिया जायेगा. कोर्ट के आदेश पर बच्ची को बालगृह, पटना भेज दिया गया, ताकि उसका भविष्य उज्ज्वल हो सके.
खेल को खेल भावना से खेलने से मिलती है युवकों को तरक्की

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >