राजपुर व सिमरी के एमओआइसी से डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण
गायब होमगार्ड भी होंगे नौकरी से बरखास्त
बक्सर : जिले के कई इलाकों में बाढ़ग्रस्त हैं. बाढ़पीड़ित लोगों के बीच राहत कार्य में लापरवाही बरतना एक एमओआइसी को महंगा पड़ गया. डीएम रमण कुमार ने राजपुर के एमओआइसी डॉ अशोक कुमार पासवान पर एफआइआर करने का आदेश दिया है. बताया जाता है कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में दौरा के दौरान डीएम राहत कार्य से असंतुष्ट थे. उन्होंने सिमरी के एमओआइसी डॉ सदाशिव पांडेय से भी स्पष्टीकरण की मांग की.
स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होने पर उनके खिलाफ भी एफआइआर दर्ज की जायेगी. वहीं, निरीक्षण में महजीडेरा से लेकर नैनीजोर के बीच मात्र दो होमगार्ड जवान दिखायी दिये. डीएम ने कहा कि होमगार्ड के समादेष्टा से सूची मांगी गयी है. गायब होमगार्ड को चिह्नित किया जायेगा. डीएम ने कहा कि ड्यूटी से गायब होमगार्ड जवानों को बरखाश्त किया जायेगा. डीएम ने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने को लेकर संबंधित अधिकारी एवं कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
बंद हुए बाढ़ग्रस्त इलाकों के स्कूल : बाढ़ग्रस्त इलाकों में खतरे को देखते हुए डीएम के निर्देश पर सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन बंद किया गया. इस बाबत डीइओ ओंकारनाथ सिंह ने बताया कि गंगा के बढ़ते जल स्तर को देखते यह कदम उठाया गया है. डीएम के निर्देश पर चौसा, बक्सर, सिमरी, चक्की एवं एवं ब्रह्मपुर प्रखंड के वैसे पंचायतों के स्कूओं में पढ़ाई अगले आदेश तक बंद रहेगी, लेकिन, स्कूल खुले रहेंगे. उन्होंने बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में बचने के लिए पीड़ित लोग स्कूल एवं सरकारी भवनों का सहारा लेते हैं. इसलिए स्कूलों को खुला रखा जायेगा.
पानी कम होने के बाद शुरू होगा सर्वे : डीएम ने बताया कि बाढ़ के पानी के कम होने के बाद क्षति का आंकलन किया जायेगा. गृह क्षति एवं फसल क्षति की बारीकी से जांच की जायेगी. क्षति का आकलन करने के बाद आपदा राहत कोष के स्तर से मुआवजा दिया जायेगा. फिलहाल दो दिन पहले तक के आंकलन के अनुसार सात करोड़ 54 लाख 23 हजार 600 रुपये की राशि की फसल बाढ़ के पानी से बरबाद हो चुकी है.
प्रेसवार्ता करते जिलाधिकारी.
