वाहन चोरी का भी रहता है भय

अनदेखी. पार्किंग जोन नहीं होने से ग्राहकों को होती है परेशानी सड़क पर वाहनों की पार्किंग से रोज लगा है जाम मुख्य डाकघर के पास भी नहीं है पार्किंग की व्यवस्था मुख्य डाक घर से हर किसी का रिस्ता होता है. सबसे ज्यादा छात्रों को यहां आना-जाना लगता रहता है. ऐसे में यहां पार्किंग की […]

अनदेखी. पार्किंग जोन नहीं होने से ग्राहकों को होती है परेशानी

सड़क पर वाहनों की पार्किंग से रोज लगा है जाम

मुख्य डाकघर के पास भी नहीं है पार्किंग की व्यवस्था

मुख्य डाक घर से हर किसी का रिस्ता होता है. सबसे ज्यादा छात्रों को यहां आना-जाना लगता रहता है. ऐसे में यहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को गाड़ियों को खड़ा करने में काफी परेशानी होती है. लोग जैसे-तैसे बेतरतीब ढंग से गाड़ियों को खड़ा करते हैं. रोड पर फुटपाथी दुकानों और गाड़ियों के खड़े होने से परेशानी होती है, जिसके कारण हर दिन जाम लगने की समस्या हो जाती है. इसके अलावे ठठेरी बाजार मोड़ पर एक निजी होटल है और मुनीम चौक पर राजेंद्र कटरा यहां भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है. सत्यदेव मार्ग में भी गाड़ियों को खड़ा करने के लिए कोई जगह है. यहां भी लोगों को काफी परेशानी होती है.

बक्सर : वर्ष 1991 में बक्सर को जिला घोषित किया गया, जिसके बाद जिला मुख्यालय का काफी विस्तार हुआ. धड़ल्ले से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल, बैंक और कई प्रतिष्ठान खोले गये. जिसके कारण शहर का नक्शा ही बदल गया, पर इन सभी ने पार्किंग जोन बनाने को कभी नहीं सोचा. जिससे हर कोई बेतरतीब ढंग से गाड़ियों को जहां भी जगह मिलता है पार्क कर देता है और आम लोग उस पार्किंग से परेशान होते हैं. प्रशासन नो पार्किंग में खड़े वाहन को जब्त कर मालिकों के ऊपर जुर्माना भी करता है या या डांट-फटकार कर छोड़ देता है,

पर आदत कहें या सुविधा नहीं मिलने की मजबूरी लोग इस काम को करते ही रहते हैं़ सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब इन कॉम्प्लेक्सों का नक्शा पास होता है, तो उस समय प्रशासन पार्किंग के बारे में क्यों नहीं पूछता है़ पार्किंग की समस्या से आम और खास सभी परेशान हैं. सरकारी कार्यालयों में काम करनेवाले लोगों को यह समझ नहीं आता की वे अपनी गाड़ियों को कहां पार्क करें. वहीं घर से शहर पहुंचनेवाले लोगों को यह पता नहीं चलता है कि गाड़ी को कहां खड़ा कर सामान की खरीदारी करें.

अवैध पार्किंग से यहां भी समस्या
शहर का सबसे व्यस्त मार्ग जमुना चौक पर तिलक कॉम्प्लेक्स है. इसमें कई प्रतिष्ठान चलते हैं. इसके अलावा एक रेस्टोरेंट और एक बैंक भी संचालित होता है, पर इस कॉम्प्लेक्स में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है. लोग सड़क के किनारे ही गाड़ियों को खड़ा कर देते हैं. इस कॉम्प्लेक्स के ठीक दूसरी तरफ भी एक प्रतिष्ठित में रेस्टोरेंट चलता है. इसके सामने भी गाड़ियां खड़ी होती हैं. ऐसे में दोनों तरफ गाड़ियों के खड़े होने से सड़क सिकुड़ जाती है, जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी होती है.
क्या है जुर्माना : नो पार्किंग जोन में गाड़ियों को खड़ा करने पर जुर्माना लगाया जाता है. पकड़े जाने पर विभाग द्वारा पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया जाता है. यह जुर्माना बड़े और छोटे वाहन दोनों पर लगाया जाता है.
पार्किंग जोन नहीं होने से होती है परेशानी
शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को परेशानी होती है. नो पार्किंग में गाड़ियों को खड़ा करने पर जुर्माना लगाया जाता है.
रणंजय यादव, यातायात इंचार्ज

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