डुमरांव : वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय के सदस्य विज्ञान विभाग के डॉ उदय कुमार ने धान की फसल को लेकर उर्वरक एवं खरपतवार प्रबंधन को आवश्यक बताया़ उन्होंने कहा कि किसान धान की फसल को लेकर काफी उत्साहित हैं. खेत में तैयार बिचड़ा व रोपनी का कार्य भी पूरा हो गया है़ अगर किसान समय पर उर्वरक व खरपतवार प्रबंधन बेहतर तरीके से करें, तो पैदावार अच्छी होने की संभावना है़
धान की फसल में उर्वरक व खरपतवार प्रबंधन जरूरी : उदय
डुमरांव : वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय के सदस्य विज्ञान विभाग के डॉ उदय कुमार ने धान की फसल को लेकर उर्वरक एवं खरपतवार प्रबंधन को आवश्यक बताया़ उन्होंने कहा कि किसान धान की फसल को लेकर काफी उत्साहित हैं. खेत में तैयार बिचड़ा व रोपनी का कार्य भी पूरा हो गया है़ अगर किसान […]

धान की फसल में उर्वरक प्रबंधन
अक्सर किसान अधिक मात्रा में यूरिया का प्रयोग करते है़ं धान की फसल के लिए 100-120 केजी नत्रजन, 60 केजी फास्फोरस, 40 केजी पोटाश एवं 25 केजी जिंक प्रति हेक्टर प्रयोग करें, जिसके लिए 100-130 केजी डीएपी, 70 केजी एमओपी, 40 केजी यूरिया एवं 25 केजी जिंक प्रति हेक्टर (चार बीघा) की दर से रोपाई के समय प्रयोग करें तथा यूरिया की 60-80 किलोग्राम मात्रा रोपनी के 4-5 सप्ताह बाद एवं 60-80 किलोग्राम मात्र रोपनी के 7-8 सप्ताह बाद प्रति हेक्टर खेत में प्रयोग करें़
धान की फसल खरपतवार एवं उर्वरक प्रबंधन : इस वर्ष बारिश समय पर एवं अच्छी मात्रा में हुई है, जिससे धान की फसल की रोपनी लगभग समाप्त हो गयी है़ इस समय धान की फसल में दो मुख्य कार्य करने की जरूरत है़ प्रथम, धान में खरपतवारों (घासों) से आज में 30-50 प्रतिशत की कमी आती है, जिसे रोकने के लिए निम्नलिखित में से किसी एक दवा का प्रयोग करना चाहिए़
खरपतवार नाशी मात्रा प्रति हेक्टर प्रयोग का समय
प्रीटीलाक्लोर (50) 1़5-2़0 लीटर रोपनी के 2-4 दिन के अंदर
आॅक्सीडाइराजिल (80)125 ग्राम रोपनी के 2-4 दिन के अंदर
अलमिक्स 20 ग्राम रोपनी के 15-25 दिनों के अंदर
विसपाइरीवेक 200-250 मिली रोपनी के 15-25 दिनों के अंदर
इथौक्सीसल्फूयूरान100 ग्राम रोपनी के 15-25 दिनों के अंदर
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