कसा शिकंजा. लूट की घटना को अंजाम देने के लिये खड़े थे एचडीएफसी बैंक के सामने
थाने के नाम पर ही बना रखी है कोढ़ा गैंग
बक्सर : बक्सर पुलिस की सक्रियता से एक लूट की बड़ी वारदात विफल हो गयी. विफल होने के साथ-साथ कोढ़ा गैंग के तीन सदस्य भी पुलिस के हत्थे चढ़ गये. पकड़े गये सदस्यों के पास से चोरी की दो बाइकें, तीन मोबाइल फोन सहित कई सामान बरामद हुए हैं. पुलिस सदस्यों से पूछताछ कर गैंग में शामिल सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर लगी हुई है. इस गिरोह के तार नेपाल तक जुड़े हुए हैं. इनकी गिरफ्तारी बक्सर पुलिस के लिये एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. पुलिस को उम्मीद है इनके पकड़े जाने से लूट के कई कांडों का उद्भेदन हो सकता है.
गिरफ्तार सदस्यों में कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के जुरावगंज स्थित नया टोला निवासी अपराध का मास्टर माइंड शरम यादव, शैलेश कुमार एवं राज कुमार पासवान शामिल हैं. इस बाबत नगर थानाध्यक्ष राघव दयाल ने बताया कि गिरोह का मुख्य काम चोरी, लूट एवं बैंक से पैसा निकाल कर जानेवाले लोगों से झपट्टामार कर रुपये छीनना है.
जब्त बाइकें चोरी की निकलीं : कोढ़ा गिरोह का मुख्य सरगना शरम यादव है. कटिहार में कोढ़ा थाना है और इसी थाना क्षेत्र में गैंग के सभी सदस्यों का घर है. थाने के ही नाम पर इन लोगों ने गैंग का नाम रख लिया है. इसका इन्हें फायदा भी मिलता था. पुलिस ने बताया कि जब्त दोनों मोटरसाइकिलें चोरी की हैं. एक बाइक को इन्होंने ने एक हफ्ते पहले आरा स्टेशन के पास ही चुरायी थी. वहीं, चोरी की दूसरी बाइक बक्सर जिला परिवहन विभाग के रजिस्ट्रार की है.
पहले करते थे रेकी, फिर देते थे घटना को अंजाम : गिरोह के सदस्य किसी भी वित्तीय संस्थान के समीप खड़े होकर पहले उसकी रेकी करते हैं. गिरोह का एक सदस्य बैंक में जाकर पैसा निकालनेवाले लोगों पर नजर रखता था. जबकि दो सदस्य बाहर खड़े होकर आसपास के लोगों पर नजर रखते थे. जैसे ही पैसा निकाल कर कोई ग्राहक बाहर आता, तो यह गिरोह सक्रिय हो जाता और उसका पीछा कर पैसे से भरा थैला छीन कर फरार हो जाता. अब तक इस तरह के कई घटनाओं को यह गिरोह अंजाम दे चुका है.
जगह के मुताबिक बदल लेते हैं भाषा : गिरोह के सदस्य बड़े ही शातिर हैं. जिस जगह पर घटना को अंजाम देते, वो जगह उसी दिन छोड़ देते. फिर नये शिकार की तलाश में दूसरे शहर में चले जाते. पहले वहां की भाषा को सीखते और वहां के लोगों से उसी भाषा में बात करते, ताकि किसी को उनके बाहरी होने का शक न हो और फिर घटना को अंजाम देने के बाद शहर को छोड़कर फरार हो जाते. चोरी की बाइक को भी औने-पौने दामों में बेच देते हैं.
ऐसे पकड़ में आये कोढ़ा गैंग के सदस्य : पुलिस अधीक्षक उपेंद्र शर्मा को सूचना मिली थी कि कोढ़ा गैंग के सदस्य शहर में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिये आये हुए हैं. सूचना मिलने के साथ ही पुलिस अधीक्षक ने नगर थानाध्यक्ष राघव दयाल के नेतृत्व में टीम गठित की. गठित टीम इन सदस्यों पर सुबह से ही नजर बनाये हुए थी. जैसे ही गैंग एचडीएफसी बैंक के समीप किसी घटना को अंजाम देने के लिए खड़ा हुआ, पुलिस ने छापेमरी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. वहीं, जब्त मोबाइल का सीडीआर निकाला जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि इस गिरोह के संपर्क में जिले के कौन-कौन लोग हैं.
चोरी की दो बाइकें व मोबाइल समेत कई सामान बरामद
नेपाल से लेकर बंगाल तक फैला है इनका जाल
चोरी, लूट एवं छीनतई की घटना को अंजाम देनेवाला कोढ़ा गैंग का तार नेपाल से लेकर बंगाल तक फैला है. पूछताछ के दौरान शरम यादव ने बताया कि गिरोह के सदस्य नेपाल में पॉकेटमारी का काम करते हैं. मास्टर माइंड शरम यादव ही इस पूरे नेटवर्क की मॉनीटरिंग करता है. गिरोह के सदस्य अगर कहीं भी किसी घटना को अंजाम देते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत मास्टर माइंड को देते हैं. वहीं, चोरी के सामान को अन्य जिलों के साथ-साथ नेपाल और बंगाल में भी बेचा करते हैं.
