आंगनबाड़ी केंद्रों की रोजाना होगी जांच
बक्सर : समाहरणालय कक्ष में बुधवार को समेकित बाल विकास सेवा की समीक्षात्मक बैठक की गयी. इसमें डीएम रमण कुमार के तेवर काफी तल्ख दिखे. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को सुचारु ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि केंद्र में किसी तरह की गड़बड़ी बरदाश्त नहीं की जायेगी. इसके लिए डीएम ने सभी सीडीपीओ व सुपरवाइजर को जिम्मेदार ठहराया. इस दौरान डीएम ने नावानगर प्रखंड के डाफाडीह गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की भी चर्चा की. कहा कि निरीक्षण के क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पायी गयी थी.
इस मामले में सेविका के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा किया जायेगा. उन्होंने कहा कि अब हर रोज केंद्रों का निरीक्षण करना होगा और 26 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट देनी होगी. बैठक के दौरान कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि पहले से तैयार सुरक्षा योजना के 25 सौ बोर्डों का तत्काल वितरण किया जाये.
उन्होंने लंबित आवेदनों का भी एक सप्ताह के अंदर निष्पादन करने का टास्क अफसरों को सौंपा. उन्होंने कहा कि परवरिश योजना के करीब 14 सौ मामले पूरे जिले में लंबित हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए. उन्होंने प्रखंडवार सेविका व सहायिका के भुगतान के लिए दी गयी राशि के खर्च का भी ब्योरा लिया. कहा कि जनवरी व फरवरी का भुगतान तत्काल किया जाये. बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के अलावा सभी सीडीपीओ व सुपरवाइजर उपस्थित थीं.
आंगनबाड़ी केंद्रों में गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई
बाल विकास की मासिक बैठक में दिया गया निर्देश
एक सप्ताह में करें लंबित आवेदनों का निपटारा
