शिकंजा. अब कालाबाजारी पर कसेगी नकेल, पीडीएस प्रणाली जल्द होगी ऑनलाइन
जो घपला पहले हुआ सो हुआ, पर अब नहीं चलनेवाला है़ अब सरकार जनवितरण प्रणाली में कालाबाजारी रोकने के लिए पीडीएस डीलरों को बायोमेट्रिक मशीन से लैस करने जा रही है और इसका ट्रायल सूबे के दो जिलों में शुरू भी हो गया है. बायोमेट्रिक मशीन पर जब तक लाभुक अपने अंगूठा का निशान नहीं देंगे, तब तक उन्हें सस्ते दर पर सरकारी अनाज नहीं मिलेगा़ इस व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद पीडीएस में कालाबाजारी लगभग खत्म हो जायेगी और समय पर राशन भी मिलेगा.
बक्सर : कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए राज्य खाद्य एवं उपभोक्ता सुरक्षा विभाग अब जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की पूरी प्रणाली को तकनीक से लैस करने जा रहा है. अब राशन-केरोसिन के उठाव से लेकर उनके वितरण तक सभी चीजों को ऑनलाइन विवरण अपडेट करना होगा. इस बाबत जिला आपूर्ति विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरकार से प्राप्त निर्देश पर जन वितरण प्रणाली के ऑनलाइन इंस्पेक्शन सिस्टम का क्रियान्वयन शुरू हो गया है. पीडीएस दुकानों की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है. सरकार के निर्देश पर नये प्रावधान के तहत विभाग ने आधार कार्ड के साथ राशन कार्ड को लिंक करना जल्द शुरू करेगा. जन वितरण प्रणाली में तकनीक के जरिये पारदर्शिता लाने व कालाबाजारी को समाप्त करने की मुहिम का यह एक हिस्सा है.
लाभुकों को अंगूठा लगाने के बाद मिलेगा अनाज : विभाग के द्वारा राशन कार्डधारियों को बायोमट्रिक प्रणाली के तहत अंगूठा लगाने के बाद जन वितरण प्रणाली की दुकान से राशन मिलेगा. जल्द ही यह व्यवस्था शुरू होने जा रही है.
जिले में इसकी तैयारी चल रही है. इसके तहत जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को एक बायोमेट्रिक मशीन दी जायेगी. इस मशीन पर अंगूठा लगाते ही उपभोक्ताओं का पूरा डाटा सामने आ जायेगा. इसके बाद उन्हें अनाज दिया जायेगा. इसके लिए राशन कार्ड को आधार कार्ड के नंबर से लिंक करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.जिला आपूर्ति कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार फिलवक्त जन वितरण प्रणाली के ऑनलाइन इंस्पेक्शन सिस्टम का क्रियान्वयन के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा.
784 पीडीएस दुकनों पर आश्रित हैं नौ लाख 95 हजार उपभोक्ता : विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के कुल 784 दुकानों पर नौ लाख 95 हजार 35 उपभोक्ता आश्रित हैं. अब तक कुल एक लाख 62 हजार 480 राशन कार्ड निर्गत किये गये हैं. वितरण पर नजर रखने के लिए विभाग के कुल 46 वाहनों को पूरी तरह से जीपीएस से लैस किया जा चुका है, जिसकी निगरानी एसएफसी व जिला आपूर्ति विभाग के द्वारा किया जा रहा है.
कार्डधारियों का डाटा हो रहा ऑनलाइन : खाद्य सुरक्षा योजना के सभी लोगों का डाटा पूर्व में कंप्यूटराइज्ड हो चुका है. विभागीय सूत्रों के अनुसार इस डाटा के साथ उपभोक्ताओं का आधार नंबर और बैंक अकाउंट को भी जोड़ा जा रहा है. इसके साथ ही सभी जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों को कंप्यूटराइज्ड करने का निर्देश दिया गया है. जल्द ही दुकानों को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ दिया जायेगा. जैसे ही लाभुक का अंगूठा लगेगा, उसका पूरा विवरण सामने आ जायेगा.
दोहरा लाभ उठानेवाले उपभोक्ताओं पर होगी कार्रवई : जिले में ऐसे भी कई उपभोक्ता हैं, जो दो-दो पीडीएस दुकानों से राशन-केरोसिन का उठाव करते हैं. उपभोक्ताओं के आधार नंबर को राशन कार्ड से लिंक करने के बाद ऐसे उपभोक्ताओं का कूपन रद्द किया जायेगा. फिलहाल ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित किया जायेगा. उसके बाद उन पर कार्रवाई की जायेगी.
योजना का उद्देश्य कालाबाजारी रोकना : जन वितरण प्रणाली में सबसे ज्यादा धांधली दुकानदारों के स्तर से होती है. उसका लाभ ऊपर के लोगों तक पहुंचता है. जानकारी के अभाव में दुकानदार उपभोक्ताओं को अनाज नहीं आवंटित होने की बात कह टाल देते हैं. इस तरह साल के चार-पांच महीने उपभोक्ताओं को सस्ते दर का अनाज नहीं मिल पाता है. यही अनाज बाजार में आम दरों पर बिकने के लिए पहुंच जाता है. बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल लोगों के वास्तविक हक दिलाने के लिए किया जा रहा है.
फिलहाल राशन कार्ड के आधार पर होगा वितरण : विभागीय सूत्रों के अनुसार फिलवक्त कूपन के माध्यम से खाद्यान्नों के वितरण पर रोक लगा दी गयी है. माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर उपभोक्ताओं का डा वेबसाइट पर अपलोड किये जाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी. जब तक उच्च न्यायालय के निर्देश पर कूपन की छपाई नहीं हो जाती, तब तक उपभोक्ताओं को राशन कार्ड के आधार पर ही राशन-केरोसिन का वितरण किया जायेगा.
फिर से मिलेगा चीनी
राज्य सरकार एक बार फिर से जन वितरण दुकानों पर चीनी का वितरण शुरू करने जा रही है. राज्य स्तर पर तैयारी शुरू हो गयी है. इसके लिए सर्वे का काम चल रहा है. जल्द ही सर्वे रिपोर्ट सरकार को भेजा जायेगा.
क्या कहते हैं अधिकारी
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों के खाद्यान की हेराफेरी या कालाबाजारी करनेवाले पीडीएस दुकानदारों पे पैनी नजर रखी जायेगी. फिलवक्त पायलट प्रोजेक्ट के तहत बायोमिट्रिक प्रणाली के आधार पर पूर्णिया व नालंदा जिले में खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है. जल्द ही जिले में इस प्रणाली का प्रयोग होगा. पीडीएस दुकानदारों से राशन कार्ड व आधार कार्ड के नंबर की टैगिंग कर दी जायेगी.
शिशिर कुमार मिश्रा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, बक्सर
