बीएओ, कृषि समन्वयक व किसान सलाकार शत-प्रतिशत योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रखंडों में करेंगे कैंप
कृषि निदेशक ने डीएम से उर्वरक कालाबाजारी एवं खरीफ की योजनाओं में सहयोग की अपील की
बक्सर : बक्सर में दो दिन के सरकारी दौरे पर पहुंचे कृषि निदेशक हिमांशु कुमार राय ने कृषि विभाग को खंगाला. बक्सर परिसदन स्थित सभागार में शुक्रवार को सभी विभागीय पदाधिकारियों की मैराथन बैठक भी की. बैठक में निदेशक के तेवर काफी सख्त थे. उन्होंने अधिकारियों को कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान विभाग का प्रमुख लक्ष्य है. इसे हर हाल में पूरा करने के लिए सभी सरकारी कृषि योजनाओं को ससमय धरातल पर उतारना है.
कहा कि कर्तव्यहीनता में संलिप्त पदाधिकारी एवं कर्मी बख्शे नहीं जायेंगे. विभागीय समीक्षा के दौरान बक्सर, चौसा, डुमरांव, केसठ व चक्की प्रखंडों में योजनाओं की प्रगति काफी धीमी पायी गयी. उन्होंने असंतोष जताते हुए अगली बैठक तक ऐसे हालात में सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया. साथ ही, पंचायतस्तर पर योजना क्रियान्वित करनेवाले कृषि समन्वयक व किसान सलाहकार को कार्य में लापरवाही बरतने पर बरखास्त करने की बात कही.
उर्वरक की समस्या पर उन्होंने अभी से ही आवश्यक तैयारी करने की बात कही. बैठक के पश्चात डीएम रमण कुमार से उर्वरक की कालाबाजारी रोकने एवं खरीफ योजनाओं में प्रगति लाने के लिए सहयोग की अपील की. बैठक में उद्यान के सहायक निदेशक, सुरेंद्र राय, सहायक अनुसंधान पदाधिकारी कृष्ण कुमार वर्मा, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे.
योजनाओं की हुई गहन समीक्षा :
कृषि निदेशक के ओएसडी-सह-सहायक निदेशक (सांख्यिकी), पटना ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने केंद्र व प्रदेश स्तर पर संचालित योजनाओं की गहन समीक्षा की.
जिला कृषि पदाधिकारी रणबीर सिंह ने कहा कि प्रखंड कृषि पदाधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रखंड के रीढ़ हैं. अब तक की उपलब्धियों को देखते हुए उन्होंने कहा कि 14 जुलाई तक खरीफ योजनाओं में सभी घटक का शत प्रतिशत उपलब्धि कराना होगा.
इसके लिए प्रखंडस्तर पर बीएओ, कृषि समन्वयक व किसान सलाहकार जवाबदेह होंगे तथा उन्हें रात्रि में भी पदस्थापन स्थान पर कैंप करना होगा. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किसानों के लंबित अनुदान की दो करोड़ 34 लाख रुपये राशि आरटीजीएस द्वारा ट्रांसफर कर दिया गया. ताकि आगामी योजनाओं में किसान उत्साहित होकर लाभ ले सके.
गुणवत्ता पर पर्यवेक्षण हेतु चार टीमें गठित : उन्होंने बताया कि प्रखंड स्तर पर उपादानों के मात्रा व गुणवत्ता पर पर्यवेक्षण हेतु चार टीम का गठन कर दिया गया है.
जिसमें राजपुर एवं चौसा में परियोजना निदेशक आत्मा देवनंदन राम, बक्सर एवं इटाढ़ी में जिला कृषि पदाधिकारी रणवीर सिंह, केसठ, चौंगाई एवं नावानगर में सहायक निदेशक, उद्यान सुरेंद्र राय तथा सिमरी, चक्की, डुमरांव एवं ब्रह्मपुर में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कमलेश प्रसाद को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. इनका दायित्व प्रखंडस्तर पर उर्वरक की कालाबाजारी करनेवाले एवं घटिया किस्म के उपादान बिक्री करने वाले डीलरों पर शिकंजा कसना होगा. आत्मा के परियोजना निदेशक देवनन्दन राम ने आत्मा योजना के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी.
