पहल. इंदिरा आवास योजना के नाम में परिवर्तन के साथ ही उसके नियम में भी बदलाव
अब पहले की तरह बीपीएल परिवारों को आवास नहीं मिलेगा, बल्कि नये नियम के अनुसार वर्ष 2011 में हुए आर्थिक जनगणना के अनुसार गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ दिया जायेगा़ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब लाभुक एक की जगह दो घर बना सकते हैं.
मिलेगी एक लाख बीस हजार रुपये की राशि
बक्सर : केंद्र सरकार ने इंदिरा आवास योजना का नाम अब बदल कर प्रधानमंत्री आवास योजना रख दिया है. नये नाम के साथ ही योजना में आवासों के आवंटन की प्रक्रिया भी बदल गयी है. अब लाभुकों को बीपीएल सूची के आधार पर आवासों का आवंटन नहीं किया जायेगा, बल्कि उक्त योजना के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक व जाति आधारित जनगणना (एसइसीसी) के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जायेगा.
इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा आवास का लाभ पानेवाले लाभुकों की सूची ग्रामीण विकास मंत्रालय के आवास सॉफ्ट पर उपलब्ध करायी गयी है. सूची के आधार पर योग्य परिवारों का चयन एवं प्राथमिकता का निर्धारण ग्राम सभा से किया जायेगा. इस बाबत उप विकास आयुक्त मोबिन अली अंसारी ने बताया कि उक्त योजना के तहत 2016-17 से ही आवास के आवंटन का कार्य शुरू हो जायेगा. नए गाइड लाइन के अनुसार लाभुकों को एक व दो कमरों के आवास बनाने की राशि दी जायेगी. साथ ही आवास के निर्माण के लिए लाभुकों को अब एक लाख 20 हजार रुपये की राशि मिलेगी.
10 जुलाई तक करना है सूची का भौतिक सत्यापन : उप विकास आयुक्त ने बताया कि जिले के सभी बीडीओ को लाभार्थियों की सूची आवास सॉफ्ट से डाउनलोड करने का निर्देश दिया गया है.
पांच जुलाई तक सूची का मिलान कर उसका प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा गया है. 10 जुलाई तक ग्रामीण आवास सहायक के द्वारा सूची का भौतिक सत्यापन करना सुनिश्चित किया गया है. सरकार के दिये गये गाइड लाइन के आधार पर ही सत्यापन का कार्य होगा. तत्पश्चात 20 जुलाई तक बीडीओ व ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक सत्यापित सूची की जांच कर 20 प्रतिशत लाभुकों का स्वयं भौतिक सत्यापन करेंगे. 31 जुलाई तक प्राथमिकता के आधार पर लाभुकों का चयन कर लेना है. 17 अगस्त को ग्रामसभा से अनुमोदित सूची का प्रकाशन किया जायेगा. 31 तक प्रकाशित सूची पर शिकायत या आपत्ति पत्र स्वीकृत होगा. जिलास्तरीय अपीलीय समिति द्वारा आपत्ति का निष्पादन एवं प्राथमिकता सूची का प्रकाशन 30 सितंबर तक होगा.
पांच चरणों में चयनित सूची की जायेगी तैयार : लाभार्थियों की सूची तैयार करने के लिए चार चरण निर्धारित किये गये हैं. प्रथम चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर कोटिवार लक्ष्य का निर्धारण किया जायेगा. दूसरे चरण में लाभार्थियों के कोटिवार चयन सूची को ग्राम पंचायत की सभा में रखा जायेगा, जिसमें बिना घरवाले परिवारों को अग्रिम प्राथमिकता में रखते हुए प्राथमिकता सूची का निर्धारण किया जायेगा. तीसरे चरण के ग्रामसभा में अनुमोदित सूची पर आपत्तियों के निराकरण के बाद सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाशित किया जायेगा. चौथे चरण में जिलास्तरीय अपीलीय समिति के द्वारा निहत प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त आपत्तियों का निष्पादन किया जायेगा. अंतिम चरण में जिलास्तर से अनुमोदित वार्षिक सूची का विभाग के आवास सॉफ्ट पर रजिस्ट्रेशन कर उसकी स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
2010 के बाद अब तक जिले में 16,795 आवास हैं अपूर्ण : उप विकास आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2010 के बाद से जिले में अब तक 16 हजार 795 आवास अपूर्ण पड़े हुए हैं. जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को वर्ष 2010-11 से लेकर 2015-16 तक कुल 37 हजार 717 आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से अब तक 20 हजार 922 आवासों को ही पूरा किया जा सका है. कई लाभुकों ने आवास के लिए राशि ले ली, लेकिन उन्होंने आवास नहीं बनाएं. ऐसे लाभुकों को चिह्नित किया जा रहा है. ऐसे लाभुकों की सूची तैयार कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. अपूर्ण आवासों को पूरा कराने को लेकर संबंधित बीडीओ को निर्देश जारी किया जा चुका है.
वर्षवार विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य
वर्ष लक्ष्य
2010-11 5845
2011-12 5709
2012-13 6326
2013-14 8661
2014-15 5159
2015-16 5037
