दिनभर आसमान में छाये रहे बादल, होती रही रूक-रूक कर बारिश
अरहर, तील व मूंगफली की बुआई के लिए उपयुक्त समय
बक्सर : जिला मुख्यालय समेत सभी प्रखंडों में रविवार को दिन भर रूक-रूक कर बारिश होती रही. रविवार को अहले सुबह से ही बारिश शुरू हो गयर थी. बारिश ने जहां एक ओर लोगों को ऊमस भरी गरमी से राहत दी है, तो वहीं, किसानों के चेहरे खिल उठे. मौसम विभाग के अनुसार छह जुलाई तक लगातार बारिश होने की संभावना है. कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक राम केवल के अनुसार खरीफ की फसल की बुआई के समय बारिश होना
फसल व किसान दोनों के लिए फायदेमंद है. कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि रविवार को हुई बारिश से धान को अधिक फायदा नहीं पहुंचेगा, लेकिन यह बारिश अरहर, तील व मूंगफली की बुआई के लिए उपयुक्त है. किसान उक्त फसलों की बुआई कर सकते हैं. मौसम विभाग ने छह जुलाई तक लगातार बारिश होने की संभावना जतायी है. किसान धान की बुआई करने के लिए तैयार रहें. जिन किसानों के धान के बिचड़े 25 दिन से ऊपर के हो गये हैं, वे धान की बुआई कर सकते हैं.
धान के बिचड़े पीले पड़ने से नहीं घबराएं किसान : कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि मौसम में बढ़ी गरमी के कारण धान के बिचड़े पीले पड़ने लगे थे. यदि यह बारिश लगातार तीन दिनों तक होती रही, तो इससे धान की फसल को काफी फायदा पहुंचेगा. पीले पड़े धान के बिचड़ों को देख किसान निराश न हो. बिचड़ों के पीला पड़ने से उनमें किसी रोग का होना नहीं है. यह मौसम में बढ़ी गरमी के कारण होता है. किसान बिना किसी से परामर्श लिए दवाओं का छिड़काव करने लगते हैं, जो बिचड़ों के लिए नुकसानदेह होता है.
सभी प्रखंडों में हुई बारिश : जिले के राजपुर, चौंसा, इटाढ़ी, नावानगर, चौगाई, सेमरी, चक्की, केसठ, डुमरांव समेत सभी प्रखंडों में बारिश हुई. कई पंचायतों में किसान धान की बुआई करते दिखे. केसठ निवासी रमेश चौधरी, दीपनारायण दुबे आदि किसानों ने कहा कि धान की रोपनी के लिए बारिश होना अच्छा है.
