बक्सर : चंद पैसों की लालच में जिले में पहले भी ईमान बिकते रहे हैं. बुधवार को पुलिस इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी चार लोकसेवक निगरानी की गिरफ्त में आ चुके हैं. बता दें कि पिछले मई माह में ही निगरानी की टीम ने डीपीआरओ सत्यनारायण राय को पच्चीस हजार रुपये घूस लेते दबोचा था. उससे पहले वर्ष 2015 में भी निगरानी की टीम ने कुछ ही दिनों के अंतराल पर दो कृषि अधिकारियों को गिरफ्तार किया था. उस समय जिले में काफी चर्चा हुई थी. इसी कड़ी में बुधवार को पुलिस इंस्पेक्टर रामाशीष मिश्रा का नाम भी जुड़ गया. बुधवार को केस हल्का करने व नाम हटाने के नाम पर दस हजार रुपये घूस लेते हुए निगरानी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
डेढ़ साल में चार कर्मियों को दबोच चुका है निगरानी
बक्सर : चंद पैसों की लालच में जिले में पहले भी ईमान बिकते रहे हैं. बुधवार को पुलिस इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी चार लोकसेवक निगरानी की गिरफ्त में आ चुके हैं. बता दें कि पिछले मई माह में ही निगरानी की टीम ने डीपीआरओ सत्यनारायण राय को पच्चीस हजार […]

जिले में पहली बार दागदार हुई खाकी
बक्सर में वैसे तो पहले भी घूसखोर अधिकारी निगरानी के चंगुल चढ़ चुके हैं, पर खाकी वरदी पर पहली बार दाग लगा है. सूत्रों की माने, तो पुलिस इंस्पेक्टर रामाशीष मिश्रा से पहले कोई भी पुलिस अधिकारी निगरानी की गिरफ्त में नहीं आया था. ऐसे में बुधवार को पहली बार इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी हुई, तो महकमे में खलबली मच गयी. वहीं, गिरफ्तारी के बाद बक्सर पुलिस की काफी किरकिरी हुई है. बक्सर एसपी उपेंद्र शर्मा ने इसे काफी गंभीरता से लिया है. उन्होंने बताया कि इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने की अनुशंसा डीआइजी से कर दी गयी है. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस तरह के लोगों की करतूत से विभाग की बदनामी हो रही है. इस तरह के हरकत को बरदाश्त नहीं किया जायेगा.