समस्या . बड़ी आबादी को होती है परेशानी, कभी भी फूट सकता है आक्रोश
बक्सर : नगर के चीनी मिल स्थित इटाढ़ी रोड से बाइपास रोड को जोड़नेवाला एक मात्र मार्ग का प्रवेश स्थल ही काफी खराब होने से आवागमन में परेशानी होती है. यह रोड इटाढ़ी गुमटी एवं बाइपास रोड के बीच की हजारों आबादी को जोड़नेवाला मार्ग है़ मामूली बरसात होने के साथ ही पैदल चलना भी यहां मुश्किल हो जाता है.
इटाढ़ी मार्ग की गुमटी से सटे यह रास्ता 100 फुट की दूरी तक खराब है. इस पर बच्चों को विद्यालय जाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रास्ते के शुरुआती स्थल पर ही कच्ची मिट्टी डाल दिये जाने से हल्की बारिश से ही सड़क पर कीचड़ लग जाता है. इसके कारण जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही रास्ते की अंतिम छोर पर जो बाइपास रोड से जुड़ता है. उसकी भी स्थिति ऐसी ही है.
क्या है समस्या : बक्सर इटाढ़ी मुख्य मार्ग से एलबीटी कॉलेज होते हुए बाइपास रोड को जोड़ने वाला मार्ग का जुड़ाव स्थल ही निर्माण नहीं होने की वजह से काफी खराब हो चुका है. जिस पर थोड़ी बारिश होने के बाद पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. जबकि इस पूरे मार्ग की लंबाई 800 मीटर के करीब है. मार्ग के शुरुआती 100 मीटर एवं मार्ग के अंतिम करीब 100 मीटर पूरी तरह खराब है. जिस पर थोड़ी बारिश होने पर भी चलना मुश्किल है.
जुड़ी है बड़ी आबादी : इटाढ़ी-बक्सर मुख्य मार्ग एवं बाइपास रोड के बीच चीनी मिल के हजारों की संख्या में घनी आबादी बसी हुई है, जिनके नगर में आने जाने के लिए यही एक मुख्य मार्ग है. थोड़ी बारिश होने के बाद इन जगहों पर जल जमाव हो जाता है. इससे मुहल्ले के लोगों को बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है.
कहते हैं लोग
स्थानीय निवासी रोहित चतुर्वेदी ने कहा कि यह समस्या इस मुहल्ले के लिए नासूर की तरह है. विगत चार साल से इस मार्ग के जुड़ाव स्थल का निर्माण नहीं हो सका है. जिससे थोड़ी बरसात होने के साथ ही समस्या विकराल रूप धारण कर मुहल्लेवासियों के सामने खड़ी हो जाती है.
स्थानीय निवासी सुनीता देवी ने कहा कि हमारा इसी खराब मार्ग के किनारे हमारी दुकान है. थोड़ी बारिश होने के जब दोपहिया व चार पहिया वाहन गुजरते हैं तो कीचड़ का छींटा हमारे दुकानों में आ जाता है जिससे समस्या उत्पन्न हो जाती है.
स्थानीय निवासी कवींद्र सिंह ने कहा कि हम लोगों ने ग्रामीण स्तर से शहर में बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के लिए आशियाना बनाया है जो गांव से भी बदतर स्थिति में है. अहले सुबह थोड़ी भी बारिश होने पर बच्चे को कंधे पर बैठा कर विद्यालय पहुंचाना पड़ता है. मार्ग के दोनों जुड़ाव स्थल काफी दयनीय स्थिति में है
जबकि मार्ग का बीच का हिस्सा पूरी तरह पीसीसी ढलाई हो चुकी है.
स्थानीय निवासी ने बताया कि जुड़ाव स्थल पर ही प्रशासन द्वारा कच्ची मिट्टी गिरा दिये जाने से थोड़ी ही बारिश से सड़क पर कीचड़ में तब्दील हो जाता है. इसी गली में टेंट का दुकान है. जहां खराब मार्ग की वजह से गाड़ी नहीं पहुंच पाती है.
