गांव व शहर के बीच झूल रहा शांति नगर का विकास
बक्सर : जासो पंचायत और नगर पर्षद के वार्ड नंबर 12 के बीच विकास के बाट जोह रहे और समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बरसात की फजीहत की चिंता सताने लगी है. लगभग तीन हजार की आबादीवाले शांति नगर व हनुमान नगर इलाके के लोग कच्ची और बदहाल सड़क से होकर गुजरने को विवश […]
बक्सर : जासो पंचायत और नगर पर्षद के वार्ड नंबर 12 के बीच विकास के बाट जोह रहे और समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बरसात की फजीहत की चिंता सताने लगी है. लगभग तीन हजार की आबादीवाले शांति नगर व हनुमान नगर इलाके के लोग कच्ची और बदहाल सड़क से होकर गुजरने को विवश हैं. शहर से सटे इस क्षेत्र में रहनेवाले लोग सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. थोड़ी सी बरसात में ही लोगों का घर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है.
इस सड़क से रेलवे क्रॉसिंग होते हुए शहर की 25 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में जाती है और शॉर्ट कट मार्ग के रूप में लोग इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं. बावजूद इसके वर्षों से यह सड़क कच्ची है और ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बीच दो मुहल्लों की सीमा पर पड़नेवाली इस सड़क का कोई तारणहार नहीं मिल रहा है.
तीन हजार से अधिक की है आबादी : हनुमान नगर और शांति नगर को मिला कर करीब तीन हजार परिवार के लोग इस क्षेत्र में रहते हैं. थोड़ी सी बरसात में सड़क पर जलजमाव इतना हो जाता है कि लोगों का आना-जना मुश्किल हो जाता है. महदह, सोंधिला, डेहरी समेत इटाढ़ी गुमटी से जानेवाले सभी दोपहिया वाहनचालक इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बरसात में यह मार्ग बंद हो जाता है और आने-जाने में मुश्किल हो जाती है.
30 फुट चौड़ी यह सड़क बीच में नाले के पानी से दो भागों में बंटी हुई है.
क्या कहते हैं नगर पर्षद के उप मुख्य पार्षद : नगर पर्षद के उप मुख्य पार्षद इफ्तेखार अहमद कहते हैं कि इस सड़क का निर्माण जरूरी है, मगर बड़ी सड़क होने के कारण इस सड़क पर योजना अब तक नहीं बन पायी है. ग्रामीण क्षेत्र जासो पंचायत से सटा होने के कारण पंचायत की ओर से भी कोई विकास नहीं हो पाया है. हालांकि नगर पर्षद की ओर से यहां चापाकल लगाये गये हैं, जिससे लोगों के सामने पेयजल संकट नहीं है.