सदर अस्पताल के एसएनसीयू में बच्चे का इलाज शुरू
बच्चे के गरदन, कांख, पैर में हुुआ है इंफेक्शन
बक्सर/डुमरांव : बुधवार की देर शाम सोनवर्षा ओपी व लक्ष्मी इंजीनियरिंग दुकान के समीप से एक नवजात बच्चा मिला, जिसका इलाज बक्सर सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू केंद्र में गुरुवार से शुरू हो गया. बच्चा संभवत सदर अस्पताल से गायब नवजात ही है़ बच्चा मां से दूर रहने से कुछ अस्वस्थ है. बच्चे को चाइल्ड लाइन डुमरांव की टीम के चंदन कुमार, कृष्णदेव, आफिया खातून प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां पीएचसी प्रभारी डॉ आरबी प्रसाद ने बच्चे की स्वास्थ्य जांच कर चाइल्ड लाइन टीम के द्वारा बक्सर सदर अस्पताल भेजा़ इस बाबत प्रभारी चिकित्सक ने
बताया कि बच्चा 15 से 20 दिनों तक का है़ कुछ अस्वस्थ है, जिसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. इस बात की चर्चा पूरे पीएचसी में फैल गयी और लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे. उपस्थित लोगों की जुबान से बरबस निकलने लगा कि कहीं चोरी गया बच्चा तो नहीं है. बच्चे को चाइल्ड लाइन डुमरांव की टीम बक्सर सदर अस्पताल लेकर पहुंची़ गुरुवार के दिन दोपहर में सदर अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन बच्चे को एसएनसीयू में भरती कराये. साथ ही आनन-फानन में बच्चे का इलाज डॉ आरबी श्रीवास्तव एवं डीएन पांडेय के नेतृत्व में शुरू किया गया. बच्चे के स्वास्थ्य के संबंध में डॉ आरबी श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे को माता का दूध नहीं मिलने से कुछ अस्वस्थता है. साथ ही गरदन, कांख, पैर के दोनों जंघों के पिछले हिस्से में इंफेक्शन है.
बच्चे के मिलने की सूचना पाते ही नगर थानाध्यक्ष राघव दयाल परिजनों को सूचित किये. सदर अस्पताल में बच्चे के पहुंचने की सूचना पाते ही सिविल सर्जन डॉ ब्रज कुमार सिंह समेत अस्पताल प्रबंधन के सभी कर्मी बच्चे की कुशलता जानने के लिए एसएनसीयू केंद्र पहुंच गये. गौरतलब हो कि बच्चा गायब होने के बाद अस्पताल प्रबंधन के कार्यशैली पर सवालिया निशान लग गया था. अस्पताल प्रबंधन बच्चा मिलने के बाद अब चैन की सांस लिया है.
