रखी-रखी 70 लाख की मशीन बन रही कबाड़

उदासीनता. झाड़ियों में सड़ रही नप की कैंपेक्टर मशीन डुमरांव : नगर पर्षद िसर्फ सामान की खरीदारी करना जानता है, पर उसकी देख-रेख या फिर उसमें थोड़े ही खराबी आने पर यू ही छोड़ देना जानता है़ हाल के दिनों में लाखों रुपये की लागत से खरीदी गयीं कई मशीनें आज सड़ रही हैं़ शहर […]

उदासीनता. झाड़ियों में सड़ रही नप की कैंपेक्टर मशीन

डुमरांव : नगर पर्षद िसर्फ सामान की खरीदारी करना जानता है, पर उसकी देख-रेख या फिर उसमें थोड़े ही खराबी आने पर यू ही छोड़ देना जानता है़ हाल के दिनों में लाखों रुपये की लागत से खरीदी गयीं कई मशीनें आज सड़ रही हैं़ शहर की सफाई के लिए खरीदी गयी कैंपेक्टर मशीन आज मामूली खराबी के कारण आज राज अस्पताल के परिसर में खड़ी-खड़ी सड़ रही है.

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