डुमरांव : नगर पर्षद में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर वर्ष 2014 में करीब 70 लाख की लागत से कैंपेक्टर मशीन की खरीदारी की गयी थी, जो छह माह तक नगर की सडकों पर कूड़े उठाव को लेकर दौड़ी़ इसके बाद मशीन में थोड़ी सी गड़बड़ी होने के बाद उसे राज अस्पताल में खड़ा कर दिया गया,
जो आज भी शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है़ साल भर पूर्व मशीन से असामाजिक तत्वों ने बैटरी को गायब कर दिया और आज भी मशीन ज्यों-त्यों झाडि़यों में पड़ी है़ हालांकि नगर पर्षद प्रशासन अपनी उदासीनता बरतें, तो यह मशीन थोड़े से ही लागत में कामयाब हो सकती है़ लेकिन, नित्य नये संसाधनों की खरीद में लगा नप पुराने संसाधनों को नजरअंदाज कर रहा. जबकि पुराने पड़े संसाधनों में पे-लोडर, कूड़ेदान सहित अन्य सामान आज भी जंग लग कर बरबाद हो रहे हैं.
