सुरक्षा को लेकर प्रधान सचिव ने भेजा पत्र
बक्सर, कोर्ट : विगत दिनों बिहार में न्याय के मंदिरों में हुई घटनाओं पर उच्च न्यायालय द्वारा संज्ञान लेते हुए सरकार को राज्य के सभी जिला एवं अनुमंडल न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने का आदेश दिया गया था. इसके आलोक में राज्य के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने पत्रांक 4217 के माध्यम से जिला न्यायालय को सूचित किया है. अब व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था कुछ ही दिनों में इस कदर कड़ी कर दी जायेगी कि परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा.
न्यायालय के चहारदीवारी को ऊंचा करने के साथ-साथ कटीले तारों से घेराबंदी की जायेगी. मुख्य द्वार पर लोहे के मजबूत दरवाजे लगाये जायेंगे.पूरा न्यायालय परिसर एवं भवन मेटल डिक्टेक्टर से हाइटेक रहेगा. साथ ही चप्पे-चप्पे की निगरानी न्यायालय में लगे सीसी टीवी कैमरे से की जायेगी. पत्र में यह भी जानकारी मांगी गयी है कि न्यायालय में सुरक्षा की व्यवस्था कितना बढ़ाने की आवश्यकता है. साथ ही पुलिस बल की तैनाती पर भी जानकारी मांगी गयी है.
न्यायिक पदाधिकारी भी लगायेंगे पहचान पत्र : कोई व्यक्ति अनाधिकृत रूप से न्यायालय में प्रवेश नहीं पा सके, इसके लिए न्यायालय के माननीय न्यायिक पदाधिकारियों के साथ सभी अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों को न्यायालय द्वारा परिचय पत्र निर्गत किया जायेगा. इसके अलावा न्यायालय में अपने मुकदमों की पैरवी करने के लिए आनेवाले लोगों को भी पहचान पत्र निर्गत किया जायेगा, जो उनके संबंधित अधिवक्ताओं के अनुशंसा पर आधारित होगा. न्यायालय में आनेवाले प्रत्येक बंदी की कड़ाई से जांच की जायेगी.
न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर त्रिस्तरीय समिति का गठन किया जायेगा, जिसमें जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक एवं न्यायालय से संबंधित कार्यपालक अभियंता की टीम होगी.
पहले हो चुकी हैं बक्सर कोर्ट में घटनाएं : बक्सर के लिए बढ़ायी जानेवाली सुरक्षा व्यवस्था आवश्यक दिखता है. खासकर वैसी स्थिति में जब कैदी कमलेश यादव को हथकड़ी में ही न्यायालय परिसर में भून दिया गया हो या कुख्यात शेरू सिंह हवलदार को गोली मार कर न्यायालय से फरार हो गया हो.
