चौसा-बक्सर रेलवे स्टेशन के बीच शुक्रवार की देर रात 63240 डाउन मुगलसराय से बक्सर जानेवाली इएमयू पैसेंजर ट्रेन का स्काउट में तैनात दो सुरक्षा बलों को अपराधियों ने गोली मार घायल कर दोनों के दो की इंसास राइफलें लूट ली थीं इनमें से एक जवान की मौत हो गयी थी़
बक्सर/चौसा : मुगलसराय-बक्सर रेलखंड पर पहले भी हो चुकी है राइफल लूट की घटना. रविवार को इलाहाबाद के रेल एसपी ने घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों से बातचीत की. वहीं, गांवों में छापेमारी की जा रही है. इधर रविवार को फोरेंसिक जांच टीम ने खून के धब्बों के सैंपल लिये हैं. अपराधियों ने ट्रेन की स्काउट पार्टी से राइफल लूट ली, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की पुलिस व रेल प्रशासन की नींद उड़ गयी है.
रविवार को इलाहाबाद के रेल एसपी के साथ रेल के कई अधिकारियों ने भी बक्सर स्टेशन व पवनी कमरपुर हाल्ट पर जाकर घटना स्थल का जायजा लिया. साथ ही अधिकारियों ने वह कारण तलाशने की कोशिश की कि आखिर यही जगह अपराधी क्यों राइफल लूट की घटना को अंजाम देते हैं.
घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने बक्सर में जीआरपी जवान की हत्या व इंसास की लूट मामले की समीक्षा भी की. वहीं, पटना के रेल एसपी जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि राइफल लूट की घटना के बाद घायल जवान ने मुगलसराय जीआरपी थानाध्यक्ष से मोबाइल पर घायलावस्था में बातचीत कर मामले की जानकारी दी थी. पूरे घटनाक्रम में चल रही जांच के बाद ही पता चल पायेगा कि घटना स्थल बिहार में है या उत्तर प्रदेश में.
छह साल पहले भी हुई थी राइफल लूट : 2010 में छह साल पहले भी राइफल लूट की घटना हुई थी. रेलखंड पर भदौरा-गहमर रेलवे स्टेशनों के बीच 2010 में पुणे-पटना एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रियों के साथ अपराधियों ने लूटपाट की थी. जब यात्रियों को सुरक्षाबलों ने बचाने की कोशिश की तब अपराधियों ने एक सुरक्षा बल को मारपीट कर घायल कर दिया और उनकी राइफल लूट ली थी. जानकारी के अनुसार, पुलिस की उदासीनता के कारण आज तक वह लूटी गयी राइफल बरामद नहीं हो सकी है.
