बक्सर : मुगलसराय-बक्सर इएमयू पैसेंजर में शुक्रवार की रात दो इंसास राइफल लूटे जाने की वारदात में मारे गये बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र के चौरा कथरिया गांव में रविवार को भी सन्नाटा पसरा रहा. गांव की महिलाएं और अन्य ग्रामीण परिवारवालों को हिम्मत देने में लगे रहे. घर का एकलौता चिराग जीआरपी जवान अभिषेक प्रताप सिंह, के बुझ जाने के गम में उनके पिता गजेंद्र सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
गांव के अंदर उसके सहकर्मी और सहपाठी भी यही बात बोल रहे थे कि अकेला अभिषेक कई लोगों पर भारी था. पांच साल का उसका बच्चा अभिराज प्रताप सिंह जिसे यह होश नहीं था कि उसके सिर से पिता का साया उठ गया है. कहने पर वह अब भी मुस्करा देता है
मानो उसको कुछ पता ही न हो. गांव पर उसके परिवार के मुखिया जो मृतक जवान के बड़े पापा नागेंद्र प्रताप सिंह इस घटना से इस कदर मर्माहत थे कि वे ट्रेन में दो स्कार्ट गार्ड के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था रखे जाने पर उत्तरप्रदेश सरकार को कोस रहे थे. हालांकि उन्होंने बताया कि उनके परिवार में कई अन्य भी पुलिस और पीएसी एसटीएफ में है. उनका एक लड़का नित्यानंद सिंह गोरखपुर पुलिस में सब इंस्पेक्टर है, जबकि उनके छोटे भाई हरेंद्र सिंह का लड़का उमेश सिंह बनारस में पीएसी के एसटीएफ में तैनात है.
