ब्रह्मपुर : सच ही कहा गया गया है कि कुछ लोग सिर्फ समाज बदलने के लिए जन्म लेते हैं और समाज का भला करते-करते मौत को गले लगा लेते हैं. उन्हीं में से एक थे पंडित दीन दयाल उपाध्याय,जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी समाज सेवा के लिए अर्पित कर दिया़ उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को मथुरा के एक छोटे से गांव नगला चंद्रभान नामक गांव में हुआ था. उन्हें स्वाधाय से बहुत प्रेम था़
उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी नौकरी नहीं की और जनसंघ से जुड़ कर पांचजन्य नामक साप्ताहिक अखबार निकाला़ पंडित उपाध्याय एक महान शिक्षाविद, वक्ता, लेखक, राजनीतिज्ञ एवं पत्रकार थे़ 72 साल की उम्र में 11 फरवरी, 1968 को उनका शव मुगलसराय वार्ड में मिला था. भारत ने अपने एक महान सपूत को खो दिया़ 48 वीं पुण्यतिथि पर श्री राम भवन, निमेज में उनके तैल्यचित्र पर माल्यार्पण किया़ मौके पर संजीव ओझा, मुन्नु पंडित, प्रिस ओझा, गगन ओझा, शैलेश ओझा सहित अन्य उपस्थित थे
