धीमी खरीद से प्रशासन सकते में
बक्सर : जिले में धान अधिप्राप्ति के दो माह बीत जाने के बाद भी महज सात हजार 365 मीटरिक टन धान की खरीद संभव हो पाया है. यह खरीद 97 सोसाइटी के माध्यम से कुल 894 किसानों से की गयी है. धान अधिप्राप्ति के धीमी रफ्तार के कारण लक्ष्य 87 हजार मीटरिक टन को पूरा करना काफी मुश्किल दिख रहा है. अब तक मात्र आठ फीसदी लक्ष्य के विरुद्ध धान खरीदा जा सका है. प्रति किसान धान खरीद का लक्ष्य कम होने एवं उत्पादन ज्यादा होने से समस्या उत्पन्न हुई.
कुछ प्रखंडों में धान का उत्पादन मौसम के प्रतिकूल रहने से उत्पादन बाधित रहा. इन कारणों से धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य को पाना मुश्किल काम है. सहकारिता विभाग द्वारा कुछ समितियों को डिफाल्टर घोषित कर दिया है, जिन्हें समीप के समितियों से टैग किया गया है. कुछ समितियों द्वारा द्वारा अब तक क्रय शुरू नहीं किया जा सका है.जिन पैक्स में टैगिंग की गयी है़ वहां धान की खरीद की समस्या है, जिससे किसान परेशान हैं.
उन पैक्सों में पहले अपने से टैगवाले किसानों के धान धरीदे जा रहे हैं और बाद में टैगिंगवाले किसानों के धान खरीदे जायेंगे. कहीं-कहीं न पैसे न होने का भी बहाना बनाया जा रहा है.
डिफाॅल्टर समितियां : नागपुर, देवढ़िया, बारूपुर, मंगरांव, राजपुर, हेठुआ सहकारी समितियां सहकारी विभाग द्वारा वित्तीय अनियमितता के कारण डिफाल्टर घोषित किये गये हैं.
इन्हें पास की समितियों से जोड़ा गया : नागपुर को खीरी के साथ. देवढ़िया को हरपुर के साथ मंगरांव को अकबरपुर के साथ. राजपुर कोतियरा से बारूपुर एवं हेठुआ को राजपुर व्यापार मंडल से जोड़ा गया.
