कल्याण विभाग ने सात साल बाद शुरू की प्रक्रिया
योजना को धरातल पर उतारने में जुटा प्रशासन
बक्सर : मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृत्ति योजना के तहत मैट्रिक की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास करनेवाले मेधावी छात्राओं को 10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति देने के लिए कल्याण विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है.यह योजना सिर्फ छात्राओं के लिए लागू है, जिसके लिए इच्छुक और मेधावी छात्रा 15 फरवरी तक अपना आवेदन और दावा विभाग को कर सकतीं हैं.
इस योजना की राशि वर्ष, 2009 से छात्राओं को नहीं मिली है, जिसके कारण इच्छुक छात्राओं के अभिभावक वर्षों से कार्यालय का चक्कर लगाने को विवश हैं. इच्छुक छात्राओं को अंक पत्र,जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र तथा बैंक का खाता संख्या के साथ कल्याण विभाग में आवेदन करना होगा.
जिले में कल्याण विभाग पर अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री बने संतोष निराला के प्रयास के बाद जिले में छात्रवृत्ति को लेकर विभाग भी संवेदनशील बन गया है और हजारों छात्राएं जो इसके लाभ से वंचित थीं, अब उन्हें लाभ मिलने की आशा जग गयी है. मंत्री ने हाल के दौरे में भी इस बात का उल्लेख किया था कि कल्याण विभाग द्वारा मिलनेवाली दलितों और पिछड़ों की छात्रवृत्ति के मामले में पूरे बिहार में जो गड़बडि़यां हैं,
उसे दूर की जायेगी और उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कई बार बैठकें कर कड़े निर्देश दिये थे कि छात्रवृत्ति देने के मामले में कोई कोताही नहीं बरती जायेगी. जिले के जो छात्र बिहार से बाहर पढ़ते हैं उन छात्रों के लिए भी नियम के अनुसार छात्रवृत्ति भेजे जाने में किसी प्रकार की कोताही बरदाश्त नहीं की जायेगी.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में कल्याण अधिकारी आरके त्रिपाठी कहते हैं कि कल्याण विभाग में जिन छात्रों को छात्रवृत्ति देने की प्रक्रिया है, उसमें कोई कोताही नहीं बरती जायेगी.उन्होंने यह भी कहा कि बंद छात्रवृत्तियों के मामले में कार्रवाई चल रही है और आवेदन मिलते ही उसे निष्पादित भी किया जायेगा. उन्होंने बताया कि 15 फरवरी तक इच्छुक और वंचित छात्रों से आवेदन पत्र देने को कहा गया है.
