दोहरे लाभ के कारण केंद्र सरकार ने बंद कर दी थी योजना
जिलों में लाभुकों की तय हो गयी सूची
बक्सर : पिछले दो साल से बंद अन्नपूर्णा योजना का लाभ फिर वृद्ध और गरीब ,लाचार लोगों को फरवरी माह से मिलने लगेगा. इस योजना में प्रति लाभुक परिवार को छह किलो चावल और चार किलो गेहूं मुफ्त में दिया जाता है. केंद्र सरकार की यह योजना सरकार की उदासीन नीतियों के कारण अगस्त 2013 से बंद हो गयी थी,और इसका आवंटन नहीं मिल रहा था. केंद्र सरकार ने इस योजना को इसलिए बंद कर दिया था क्योंकि बीपीएल का लाभ लेने वाले वृद्धा पेंशन के लाभुक भी इसका लाभ ले रहे थे.
दोहरे लाभ के कारण मुफ्त में अनाज वितरण की व्यवस्था बंद कर दी गयी और राज्य सरकारों को यह निर्देश दिया था कि वैसे लोग जिनका नाम बीपीएल सूची में नहीं है, अथवा जो वृद्धा पेंशन भी नहीं ले रहे हैं वैसे लाभुकों की सूची बनाकर सरकार को भेजें ताकि उन्हें अन्नपूर्णा योजना का लाभ दिया जा सके. लाभुकों की संख्या तय करने में राज्य सरकार को दो साल लग गये और इसके बाद लगभग सभी जिलों में ऐसे लाभुक चिह्नित कर दिये गये और उसकी सूची बना कर दी गयी.
जिसके बाद फिर से फरवरी 2016 से गरीबों को अन्नपूर्णा योजना का अनाज मिलने लगेगा. फरवरी में मिलने वाला खाद्यान्न अप्रैल 2015 से सितंबर 2015 तक का एक साथ मिलेगा.
बक्सर जिले में अन्नपूर्णा योजना के लिए सरकार के निर्देशों के बाद लाभुकों की छटनी की गयी और अब 2 हजार 793 लाभुक चिह्नित हो गये हैं .जिसमें बक्सर अनुमंडल में 759 और डुमरांव अनुमंडल में 2 हजार 34 लाभुक हैं. इन लाभुकों का नाम न तो बीपीएल की सूची में है और न ही वृद्धावस्था पेंशन ही ले रहे हैं.
इन लाभुकों के लिए छह माह का 1005.48 क्विंटल गेहूं और 670.32 क्विंटल चावल का आवंटन मिला है. जिसके लिए आवंटन के हिसाब से अनाज देने के लिए एसएफसी को पत्र भेजा जा चुका है. छह माह का यह लंबित आवंटन का उठाव एक-दो दिन में हो जायेगा और इसी माह इसका वितरण भी कर दिया जायेगा.
