बक्सर : कटहिया पुल के निर्माण को लेकर युद्ध स्तर पर तोड़फोड़ का काम चल रहा है, मगर अब तक पुराने पिलर को तोड़ने में एक जेसीबी और दूसरी पोपलेन मशीन दिन रात-काम में जुटी है. दर्शक के रूप में शहर के लोग जुटे रहते हैं. सभी लोगों के मुंह से एक ही बात निकलती है कि अभी तक पिलर को तोड़ने में मशीनों को कामयाबी नहीं मिली है. ड्रिल मशीन के सहारे पिलर को कमजोर कर फिर जेसीबी से टुकड़े कर पिलर को तोड़ा जा रहा है.
बीच-बीच में पानी का बहाव काम में बाधा भी डाल रहा है. वहीं, दूसरी तरफ लगातार मांग के बावजूद डायवर्सन पर कोई प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो पायी है, जिसके कारण लोगों को परेशानी महसूस हो रही है. लोग यही कह रहे हैं कि प्रशासन को शायद हादसे का इंतजार है, इसलिए लाइट की व्यवस्था नहीं हो रही है.पुल इतना मजबूत था कि उतना मजबूत बनाया जाना आज के संवेदकों के वश की बात नहीं है. पुल से टूटे ईंटे आज भी सलामत हैं.
