पहल. कृषि वैज्ञानिक डॉ देवकरण ने दी किसानों को सलाह
बक्सर : कृषि वैज्ञानिक डॉ देवकरण ने कहा है कि बदलते मौसम में किसान वर्षा का भरपूर लाभ उठाएं. पिछले दो दिनों में सात मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है, जिसमें 19 जनवरी को 5.75 मिलीमीटर वर्षा और 20 जनवरी को 1.25 मिलीमीटर वर्षा हुई है. बरसात के कारण न सिर्फ तापमान में कमी आयी है, बल्कि आद्रता भी काफी बढ़ गयी है, जो गेहूं, आलू, फूलगोभी, मटर, मसूर, तेलहन, सरसों, तरोई के लिए काफी लाभकारी है. किसान इस बदलते मौसम में अपने खेतों को बचाने के लिए खाद और दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं.
ये करें किसान
दलहनी फसलें चना, मटर, मसूर एवं खेसारी में 10 किलोग्राम यूरिया का उपरिवेशन करें.
गेहूं की फसल में 15 किलोग्राम यूरिया का उपरिवेशन तुरंत करें.प्याज की फसल में 15 किलोग्राम यूरिया के साथ-साथ 8-10 किलो पोटाश का उपरिवेशन करें.
जिन खेतों में गेहूं की फसल का अंकुरण नहीं हुआ है एवं खाली खेतों में मूंग, उड़द एवं गरमा की सब्जियों की बुआई करें.
दलहनी एवं अनाज की फसलों में तरल जैविक उर्वरक नेत्रजन एवं फास्फोरस का छिड़काव करें.
बगीचों में जुताई करें एवं गोबर की खाद के साथ यूरिया, डीएपी एवं सूक्ष्म पोषक तत्व जिंक सल्फेट एवं बोरेक्स का प्रयोग करें.
गेहूं की फसल में सकरी एवं चौड़ी घासों के नियंत्रण के लिए सल्फो सल्फयूरान एवं मैट सल्फ्यूरस कुल-160 ग्राम प्रति एकड़ की दर से स्प्रे करें.
पशुपालकों के लिए सुझाव दिया कि हवा के द्वार को बंद कर दें तथा ताजा पानी पशुओं को दें .साथ ही पानी में गुड़ भी मिला दें, जिससे पशुओं को ठंड में राहत मिल सके.
