बूंदाबांदी से किसानी को राहत

मौसम. रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से रबी फसल को फायदा बक्सर/डुमरांव : वर्षा के कारण पूरे शहर में नारकीय स्थिति हो गयी और सड़कों पर जगह-जगह जल जमाव भी हो गया. स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को काफी परेशानी हुई और ठंड से ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल गये. ठंड के कारण लोगों को […]

मौसम. रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से रबी फसल को फायदा
बक्सर/डुमरांव : वर्षा के कारण पूरे शहर में नारकीय स्थिति हो गयी और सड़कों पर जगह-जगह जल जमाव भी हो गया. स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को काफी परेशानी हुई और ठंड से ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल गये.
ठंड के कारण लोगों को फिर से कनकनी का अहसास होने लगा. बरसात के कारण लोग अलाव तापते भी नजर आये. पिछले कई माह से किसान नहरों मे पानी आने को लेकर जहां मायूस देखे जा रहे थे. वहीं सोमवार की शाम से हो रही रिमझिम बारिश से किसानी को राहत मिल गयी है. किसानों के चेहरे पर मुस्कान के साथ ही यह वर्षा रबी फसलों के लिए वरदान साबित हो रही है़ खेतों में नमी बढ़ने के साथ ही रबी के पटवन की जरूरत लगभग पूरी हो गयी है.
किसान मोहन, शिवजी, नंदकिशोर, दीपक आदि कहते हैं कि तमाम समस्याओं से पार पाकर हमने अपने खेतों में रबी की बोआई की है. नहर में एक बूंद भी पानी नहीं आया. ऐसे में पैदावार पर संकट की आहट से वे सहमे थे.
जिसके चलते किसानों के चेहरे पर मायूसी के साथ-साथ चिंता भी सता रही थी़ किसानों ने अपने खेतों में रबी की बोआई के बाद से नहर में पानी आने का इंतजार कर थक गये, लेकिन पानी नहीं आ सका़ किसानों की मानें तो इस बार रबी फसल को लेकर अभी भी चिंता बनी हुई है़ अगर एक दो पानी भी रबी फसल को मिल जाय, तो फसलों को लहलहाने में मदद मिलेगी़
वैसे बारिश के पानी से कुछ हद तक फसलों के लिए यह पानी वरदान साबित होगा़ जबकि इलाके में इस बार ठंड नहीं पड़ने से दलहन की खेती पर खासा असर पड़ा है़ सिंचाई के साधनों की कमी झेल रहे किसानों को अब दलहन की खेती में भी मौसमी मार झेलने की आशंका बनी हुई है़ अगर रबी की खेती में पैदावार कम हुआ, तो किसानों को एक बार फिर परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ेगा. तापमान में बढ़ोतरी के कारण दलहन के फूल काफी कम लगे हैं.
किसान बताते हैं कि तापमान और अधिक बढ़ा तो दलहन की फसल में उगे फूल झड़ जायेंगें और खेती चौपट हो सकती है़ सोमवार रात से हो रही रिमझिम बारिश रबी फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है़
चौसा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में मंगलवार को दिनभर हुई बूंदाबांदी से खेतों में लगी दलहन व तिलहन फसलों को संजीवनी मिल गयी है.
किसानों ने बताया कि उक्त हल्की बारिश से गेंहूं की फसल को छोड सभी फसलों को फायदा हुआ है.पटवन व सिंचाई के आभाव में चना,मटर,मसूर,तिसी,सरसों ,अरहर आदि फसलों की वृद्धि रु क सी गई थी. उक्त बरिश से फसलों में जान आ गई है. वहीं दूसरी ओर मंगलवार को दिनभर हुए बूंदाबांदी से क्षेत्र की सभी सड़कों व गलियों में फिसलन से लोगों को काफी फजीहत उठानी पड़ी. हालांकि, तेज हवा से ठंड भी बढ़ी है.
बारिश से बढ़ी ठंड
सोमवार रात से हो रही बारिश से एक बार फिर ठंड बढ़ गयी है. पारा का मान गिर गया है. अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज की गयी है. इधर बूंदाबांदी ने एक बार फिर लौटती ठंड को टिकने का मौका दे दिया है. वर्षा के बाद कनकनी बढ़ गयी है.
कहते हैं कृषि वैज्ञानिक
कृषि वैज्ञानिक डॉ राम केवल कहते हैं कि यह वर्षा खेतों के लिए अमृत है. पछुआ हवा चलने के कारण खेतों की नमी खत्म हो गयी थी जिससे फसलों को नुकसान हो रहा था. 10 मिलीमीटर से भी कम वर्षा होने के कारण खेतों में लगे गेहूं, दलहन, आलू, टमाटर सभी को कोई क्षति नहीं पहुंची है बल्कि सभी फसलों को फायदा ही हुआ है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >