लापरवाही पर चौसा पीएचसी के लिपिक का वेतन बंद

चौसा/राजपुर : डीएम रमण कुमार के औचक निरीक्षण में चौसा पीएचसी में कई गड़बड़ियां मिलीं. इस पर डीएम ने लिपिक का वेतन बंद करने का निर्देश दिया. मंगलवार को डीएम के द्वारा यादव मोड स्थित चौसा पीएचसी का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान कर्मियों की उपस्थिति पंजी, लैब, एक्स-रे रूम आदि का निरीक्षण किया […]

चौसा/राजपुर : डीएम रमण कुमार के औचक निरीक्षण में चौसा पीएचसी में कई गड़बड़ियां मिलीं. इस पर डीएम ने लिपिक का वेतन बंद करने का निर्देश दिया. मंगलवार को डीएम के द्वारा यादव मोड स्थित चौसा पीएचसी का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान कर्मियों की उपस्थिति पंजी, लैब, एक्स-रे रूम आदि का निरीक्षण किया गया.

इसके बाद प्रसव उपरांत मिलनी वाली चौदह सौ रुपये का चेक लेने पहुंची उषा देवी और सिकरौल की सुनिता देवी से डीएम ने पूछताछ की, जिसमें पीड़ितों ने बताया कि इस सहायता राशि के लिए दो माह से चक्कर लगा रहे हैं. इस पर स्वास्थ्य प्रबंधक को शीघ्र चेक देने का निर्देश देते हुए कार्यकलाप में सुधार लाने की नसीहत दी.

बगैर ड्रेस में पीएचसी में पहुंची सिकरौल पंचायत की आशा शकुंतला देवी को भी कड़ी फट कार लगायी और कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में बिचौलिये कतई बरदाश्त नहीं किये जायेंगे. करीब बीस मिनट तक डीएम के रहने पर केंद्र के कर्मियों में हडकंप मचा रहा. स्वास्थ्य केंद्र से निकलने के समय मुख्य गेट पर खड़ी सिकरौल की बिंदा देवी को देख कर डीएम ने गाड़ी रोक दी और उनकी गोद में शिशु को देख पूछा की क्यों आयी हैं, उसने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र लेने, जिसके के लिए पचास रुपये मांगे जा रहे हैं.

उक्त शिकायत पर तमतमाये डीएम ने पुन: पीएचसी में जाकर कहा कि तुरंत जन्म प्रमाण पत्र दो और अब इसकी शिकायत मिली, तो खैर नहीं. पीएचसी के लिपिक कुंदन कुमार झा पर शो कॉज करते हुए अगले आदेश तक वेतन बंद करने का निर्देश दिया. डीएम ने सभी कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सही समय पर लाभ लाभुकों को मिलना चाहिए.

वहीं, राजपुर में प्रखंड मुख्यालय राजपुर में मंगलवार को जिलाधिकारी रमण कुमार अचानक दोपहर एक बजे पहुंचे. सबसे पहले व्यापार मंडल स्थित धान क्रय केंद्र पर पहुंचे, लेकिन धान क्रय प्रभारी मोहन दूबे गायब मिले. इनके नंबर पर फोन जब लगाया, तो मोबाइल बंद मिला. इसके बाद मौके पर मौजूद दो अन्य व्यक्ति थे, जो अनाधिकृत रूप से बैठे थे़ .
इनसे पूछताछ करने पर कुछ जवाब नहीं मिला़ इस पर जिलाधिकारी ने बीडीओ अजय कुमार सिंह को ध्यान देने का निर्देश दिया़ प्रखंड कार्यालय पहुंच कर सभी कागजात की समीक्षा की. इसके बाद डीजल अनुदान के बाद पंचायत चुनाव को लेकर तैयार आरक्षण रोस्टर और मतदान केंद्रों की समीक्षा की. इसके बाद बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां सीडीपीओ गायब मिलीं. अस्पताल में पहुंच कर ओपीडी की जानकारी लेते हुए मौजूद मरीजों से भी पूछताछ की. काउंटर की जांच कर दवाइयों की स्थिति का जायजा लिया.

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