बक्सर : सड़क हादसे में फाउंडेशन स्कूल के बस से कुचलनेवाला करिया यादव अपने छोटे भाई ददन यादव को लेकर ट्यूशन पढ़ने जा रहा था, तभी बस ने कुचल डाला. चार भाइयों में करिया सबसे बड़ा भाई था. इसका एक छोटा भाई कमलेश उस समय घर पर ही था, तभी यह हादसा हुआ. करिया के पिता रामायण यादव मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं.
घटना के बाद बस का ड्राइवर और खलासी दोनों फरार होने में सफल हो गये.घटना के बाद जिस तरह भीड़ उग्र हुई, उससे पुलिस को नियंत्रण करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. बाद में पुलिस ने सड़क से शव हटा कर घटनास्थल से दूर घर तक पहुंचाया, मगर परिजनों ने फिर डीएवी स्कूल के पास शव सड़क पर रख कर जाम कर दिया.
सड़क जाम हटाने के लिए वहां जिलाधिकारी रमण कुमार और एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा को काफी मशक्कत करनी पड़ी. वहां उग्र भीड़ को सख्ती से निबटते हुए पुलिस कप्तान ने जाम हटाया. रामायण यादव की पत्नी का रोते-रोते बुरा हाल था. जब अंचलाधिकारी अनिता भारती रुपये लेकर उन्हें देने गयी, तो रोते-बिलखते परिजनों ने 20 हजार रुपये लेने से साफ इनकार कर दिया. बाद में जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी के आश्वासन पर कि मुआवजा अधिक मिल जायेगा.
मृतक के चाचा ने अनुग्रह राशि ले ली और उसके बाद जाम हटाया जा सका. जिला पर्षद सदस्य डॉ मनोज यादव ने मृतक करिया यादव के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा और इंदिरा आवास देने की मांग की है और कहा है कि गरीब परिवार है और इसके पास खाने के लिए भी पैसे नहीं रहते. उन्होंने फाउंडेशन स्कूल के प्रबंधन से भी गरीब रामायण यादव के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है.
