धान के दो हजार बोझे जल कर राख

धान के दो हजार बोझे जल कर राखअगलगी. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबूसीओ ने घटनास्थल पर पहुंच कर लिया अग्निकांड का जायजाडुमरांव़ प्रखंड के कनझरूआं पंचायत स्थित कमधपुर गांव के खलिहान में सोमवार की रात में आग लगने से रखे गये करीब दो हजार धान के बोझे जलकर राख हो […]

धान के दो हजार बोझे जल कर राखअगलगी. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबूसीओ ने घटनास्थल पर पहुंच कर लिया अग्निकांड का जायजाडुमरांव़ प्रखंड के कनझरूआं पंचायत स्थित कमधपुर गांव के खलिहान में सोमवार की रात में आग लगने से रखे गये करीब दो हजार धान के बोझे जलकर राख हो गये है़ आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है़ हालांकि पुलिस इस मामले में छानबीन शुरू कर दी है़ जानकारों के अनुसार गांव के किसान दरोगा साह, शत्रुधन साह व अलाउदीन अपने-अपने खेतों से कुल 17 बीघे में लगी धान की फसल को कटाई कर खलिहान में रखा था़ सोमवार की रात बोझों से अचानक आग की लपटें उठने लगी़ अगलगी के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया़ देखते ही देखते आग ने भयानक रूप ले लिया़ किसानों की जब इस अगलगी की जानकारी मिली तो वे तत्काल खलिहान की ओर दौड़े और फायर बिग्रेड को सूचना दी़ लेकिन मौके पर फायर बिग्रेड के पहुंचने के पहले ही ग्रामीणों ने अपने प्र्रयास से आग पर काबू पा लिया़ सूचना पाकर सीओ अमरेन्द्र कुमार घटना स्थल पर पहुंचकर जायजा लिया और पीडि़त किसानों को सरकारी तौर पर मिलने वाली सहायता के लिए संबंधित विभाग को अनुशंसा भेजी. अगलगी की घटना के बाद पीडि़त किसानों के समक्ष भुखमरी की नौबत आ पड़ी है़ पीडि़तों ने बताया कि काफी मेहनत के बदलौत धान की फसल हुई थी़ अचानक सब कुछ बर्बाद हो गया़ रविवार को भी चुआंड गांव में तीन किसानों की चार सौ बोझा की फसल आग की भेंट चढ़ चुकी थी़ नहीं जला अलाव, ठंड में बढ़ी परेशानीसिमरी़ ठंड पडने के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है़ धूप निकलने के बाद ही लोग थोडे़ राहत की सांस महसूस कर रहे हैं लेकिन दिन ढलने के बाद से ही लोग ठंड का दंश झेलते देखे जाते हैं़ तापमान गिरने के बाद से बच्चों व बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड रही है़ सामर्थवान लोग जहां ठंड में अपने से अलाव जलाना शुरू कर दिया है. वहीं गरीब काफी परेशान दिखाई पड़ रहे हैं. कृष्णा, हरेराम, सुबोध की मानें तो मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी अंचल के किसी चौक-चौराहाें पर अभी तक अलाव जलाने का काम शुरू नहीं हो सका है़ इस बाबत सीओ दिलीप कुमार ने बताया कि अलाव जलाने का पैसा कोष में नहीं आया है़ आने के बाद अलाव जलाने का काम शुरू हो जायेगा़ इस समस्या को लेकर समाजसेवी वकील, रामदेव राय, धनजी, रमेश कुमार, श्री भगवान ठाकुर आदि ने जिला प्रसाशन से अलाव जलवाने की मांग की है.सड़क पर पानी बहानेवालाें पर कार्रवाई नहींसिमरी़ आशा पड़री मोड़ व सहियार नोनिया बस्ती के घरों का पानी सड़क पर बह रहा है़ जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है़ आशा पड़री मोड़ अतिक्रमण के साथ-साथ सड़क पर बह रहे पानी के कारण राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पडता है़ इस रास्ते से बाध्य होकर मुहल्ले के लोगाें को किसी दूसरे रास्ते से अपने घरों पहुंचना पड़ता रहा है़ सड़क पर फैले गंदे पानी के जमाव के करीब 100 फीट की दूरी पर ही मध्य विद्यालय है़ जहां बच्चों के फिसलने का डर व महामारी फैलने का आशंका बनी रहती है़ साथ ही अतिक्रमण के कारण तेज रफ्तार से गाड़ियों के चलने से अनहोनी का डर बराबर बना रहता है. ग्रामीणाें ने बताया कि कार्यपालक अभियंता बक्सर ने सड़क पर पानी गिरानेवालों के ऊपर कार्रवाई करने की बात कही ह़ै लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि दियारांचल की मुख्य सड़क होने के बाद भी प्रशासन अब भी उदासीन बन बैठा है़

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