हत्यारे की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग को ले कर रहे थे आंदोलन
बक्सर (कोर्ट) : अधिवक्ता हत्याकांड को लेकर विगत एक सप्ताह से चल रही अधिवक्ताओं की हड़ताल गुरुवार को समाप्त हो गयी. अब शुक्रवार से फिर नियमित कोर्ट चलेगा. गौरतलब हो कि अधिवक्ताओं के विरोध के कारण 12 दिसंबर को पूर्व निर्धारित राष्ट्रीय लोक अदालत भी नहीं लग पाया था.
जबकि लोक अदालत में 15 हजार लोगों को नोटिस भेजी गयी थी और हजारों लोग न्यायालय पहुंचे भी थे जिन्हें हड़ताल के कारण कोर्ट परिसर में जाने नहीं दिया गया था. हड़ताल के कारण 11 दिसंबर से ही न्यायिक कार्य पूर्णत: बाधित हो गया था और हजारों मामलों पर सुनवाई लंबित हो गयी थी. इधर वकील प्रेम प्रकाश सिन्हा को गोली मार हत्या करने वाले सन्नी श्रीवास्तव की गिरफ्तारी हो जाने से अधिवक्ताओं ने संतोष जताया है पर अब भी इस कांड का एक नामजद फरार होने के कारण अविलंब उसकी गिरफ्तारी की भी मांग की है.
मुआवजे के लिए होगी लड़ाई : इधर पूरे न्यायालय परिसर में अधिवक्ता प्रेम प्रकाश के हत्यारे की गिरफ्तारी हो जाने पर अधिवक्ताओं ने संतोष जाहिर किया. गिरफ्तारी को लेकर न्यायालय परिसर में चर्चा होती रही.और अधिवक्ताओं का कहना था कि अब मुआवजे के लिए लड़ाई लड़नी होगी. और हर संभव प्रयास करना होगा.
विधानसभा में उठायेंगे मामला : विधायक : अधिवक्ताओं की बैठक चल रही थी कि इसी बीच बक्सर के सदर विधायक संजय कुमार तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी पहुंचे. उन्होंने कहा कि पीड़ित वकील स्व. प्रेम प्रकाश सिन्हा के परिवार को सर्वाधिक व उचित मुआवजा मिल सके, इसके लिए मामले को सदन में अगले सत्र में उठायेंगे. लगातार डीएम-एसपी के साथ मामले को लेकर बैठक कर रहे हैं तथा उचित निर्देश भी दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि जरूरी कार्यवश वे बाहर थे. तथा बाहर ही घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल पुलिस अधीक्षक को अभियुक्तों के घर की कुर्की करने को कहा. उन्होंने कहा कि विधानसभा का सत्र शुरू होने के साथ ही उक्त हत्याकांड का मुद्दा उठायेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं के लिए जो भी फंड सुनिश्चित होगा वे तत्काल उसे कार्य में लायेंगे. एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के शिष्टमंडल को जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात करायेंगे. ताकि पीड़ित परिवार को लाभांवित किया जा सके.
पीड़ित परिवार से मिले न्यायाधीश
बक्सर व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभात कुमार मलिक ने अन्य कई न्यायाधीशों एवं संघ के अध्यक्ष विजय नारायण मिश्रा के साथ पीड़ित परिवार से मिले तथा अपनी पूरी संवेदना व्यक्त की.
पीड़ित परिवार के सदस्यों ने न्यायाधीशों को उनके साथ हुए सभी घटनाओं को बताया. बाद में जिला जज ने कहा कि मामले का स्पीडी ट्रायल किया जायेगा. उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं के मुआवजे संबंधित सभी मांगों को माननीय उच्च न्यायालय को अग्रसारित किया गया है.
15 सदस्यीय टीम गठित : महासचिव
बार एसोसिएशन के महासचिव गणेश ठाकुर ने बताया कि अधिवक्ता हत्याकांड को लेकर एक 15 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है जो मुख्यमंत्री से मिल कर सारी बातों से उन्हें अवगत करायेगा.
उन्होंने कहा कि बुधवार को ही मांग पत्र संबंधित एक पत्र को मुख्यमंत्री के यहां फैक्स कर दिया है. वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने बताया कि भविष्य में अधिवक्ताओं को कैसे सुरक्षित रखा जाये एवं विपरीत परिस्थिति में मुआवजे की व्यवस्था हो, इस संबंध में भी मुख्यमंत्री को बताया जायेगा.
पांच दिन बाद फिर बंद हो जायेगा कोर्ट
एक सप्ताह से हड़ताल की भेंट चढ़ा व्यवहार न्यायालय पांच दिनों के बाद ही बंद हो जायेगा. गौरतलब हो कि व्यवहार न्यायालय की वार्षिक छुट्टियों में बड़े दिन की छुट्टी भी शामिल है. ऐसे में 22 दिसंबर के बाद व्यवहार न्यायालय में बड़े दिन की छुट्टी हो जायेगी. तथा आगामी 2 जनवरी को व्यवहार न्यायालय पूर्ववत खुलेगा.
