बक्सर : नगर के नया बाजार स्थित सीताराम विवाह स्थल पर 46 वां सिय-पिय मिलन महोत्सव में सोमवार के दिन में पुष्पवाटिका प्रसंग का मंचन आकर्षक रूप में किया गया. यह प्रस्तुति आश्रम के साधु-संत एवं महंत के द्वारा दी गयी. आश्रम के महंत राजाराम शरण दास जी महाराज स्वयं पुष्पवाटिका की माली की भूमिका निभाये. पुष्पवाटिका में मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जो चारों ओर घूम रहा था.
पुष्पवाटिका को लेकर सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक नजर आयी, जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक थी. महर्षि विश्वामित्र के साथ भगवान राम और लक्ष्मण जनकपुर पहुंचे हैं और गुरु की पूजा-अर्चना के लिए फूल तोड़ने के लिए जनकपुर के पुष्पवाटिका में पहुंचे हैं. जहां फूलों की रखवाली के लिए माली नियुक्ति हैं और दोनों भाइयों को फूल तोड़ने से रोकता है. माली ने कहा कि आपके कोमल हाथ फूल तोड़ने लायक नहीं हैं.
फूल के कांटे आपके हाथों में चुभ जायेंगे, जिससे आपको कष्ट होगा. पुष्पवाटिका का माली भगवान राम और लक्ष्मण को देख कर मोहित हो गया और अपनी आंखों को तृप्त कर लिया. माली भी भगवान राम से मिलने के लिए लंबे समय तक संवाद किया, तब जाकर फूल तोड़ने दिया. इसी बीच राजा जनक की पुत्री सीता भी अपनी सखियों के साथ पुष्पवाटिका में पहुंचती हैं और पुष्पवाटिका में राम-सीता के आंखें मिल जाती हैं,
जिसे देख मन ही मन सखियां अपने-अपने इष्ट देव से प्रार्थना करती हैं कि भगवान राम की पत्नी सीता बन जाये. सीता के पुष्पवाटिका आगमन के दौरान पूरे रास्ते में पुष्प की वर्षा होती रही, जिसे देख सभी साधु-संत और श्रद्धालुओं की टोली भाव विभोर हो गयी. पूरा पंडाल जय श्रीराम और सीताराम के नारों से गूंज उठा. वहीं, देर रात धनुष यज्ञ का मंचन हुआ, जहां भगवान राम धनुष को तोड़ कर राजा जनक की प्रतिज्ञा पूरी की. धनुष टूटते ही फिर एक बार दर्शकों ने सीताराम के नारों से भक्तों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
