बक्सर : शुक्रवार को लोकसभा के शून्य काल में बक्सर सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने बक्सर में गोलंबर पर घटी घटना का स्पीकर के समक्ष उल्लेख किया. सांसद श्री चौबे ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में फिर से जंगल राज की वापसी हो गयी है.
बिहार में शासन नाम की कोई चीज नहीं है.
बिहार के सुशासन बाबू का प्रशासन लचर अवस्था में है. तभी तो बक्सर के गोलंबर पर एक ट्रक ने पांच लोगों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी और दर्जनों घायल हो गये. बावजूद इसके पुलिस प्रशासन तीन घंटों तक इन्हें देखने तक नहीं गयी और न उन्हें अस्पताल में पहुंचाया गया. घटना की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि यह वहीं हाल रहा. जब रोम जल रहा था और नीरो चैन से बासुरी बजा रहा था. इस घटना ने बिहार सरकार की पोल खोल कर रखी दी है.
उन्होंने कहा कि घटना के बाद पुलिस बेकसूर को नामजद अभियुक्त बना रही है और बेवजह परेशान कर रही है. उन्होंने इस घटना की बिहार सरकार से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि असली दोषियों को चिह्न्ति किया जा सके और सजा मिल सके. सांसद ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी एवं गंभीर रूप से घायलों को पांच-पांच लाख रुपये सरकार से देने की मांग की है.
भाजपा ने दी मृतकों को श्रद्धांजलि : सिंडिकेट गोलंबर पर हुए हादसे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक श्रद्धांजलि मार्च निकाला गया, जो सत्यदेवगंज होते हुए जमुना चौक, मुनीम चौक, ठठेरी बाजार, पीपरपांती रोड होते हुए कुंवर सिंह चौक पर सभा में तब्दील हो गयी. मार्च में शामिल नेताओं ने लोगों से संवेदना जताते हुए अमन व चैन बनाये रखने की अपील की साथ ही मृत व्यक्तियों के परिवारों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा देने, घायलों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने तथा चौकीदार मदन यादव के परिवार को 50 लाख मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग रखी.
साथ ही दोषी व्यक्तियों पर कार्रवाई करने की मांग दोहरायी. साथ ही घटना के विरोध में 16 मार्च को जिलाधिकारी के समक्ष धरना देने का भी निर्णय लिया गया. श्रद्धांजलि मार्च में मुख्य रूप से भाजपा किसान मोरचा के परशुराम चतुर्वेदी, प्रदीप दुबे, शंभूनाथ पांडेय, विश्वनाथ राम, ज्ञानेश्वर गोड़ आदि शामिल रहे.
