मझरिया में नहीं जले चूल्हे. जितेंद्र सिंह के बच्चों के सिर से उठा अब पिता का भी साया, खुदरा लाने गया रिजवान नहीं लौटा जिंदा
बुधवार की शाम चंद मिनटों में औद्योगिक थाना क्षेत्र का गोलंबर लाशों की ढेर में तब्दील हो गया. लोग कुछ समझ पाते, तब तक चीख-पुकार का माहौल कायम हो गया था.
ट्रक से कुचल कर मझरिया के तीन लोगों की मौत की खबर जैसे ही मझरिया के लोगों की मिली. ग्रामीण सड़क पर उतर गये और थाने सहित जो भी मिला उसे जला कर राख कर दिया. इस भीड़ ने ऐसा उत्पात मचाया कि एक निदरेष चौकीदार को भी नहीं बख्शा और उसे जला कर मार डाला. जिस, तरस से बुधवार की शाम मझरिया गांव के लोग आक्रोशित थे, ठीक उसी तरह गुरुवार की सुबह गांव में मातमी सन्नाटा भी पसरा रहा. सदर अस्पताल से पोस्टमार्टम कर एक साथ गांव में तीन शव जैसे ही गांव में पहुंचे, तो हर तरफ चीख-पुकार मच गया.
बक्सर : बुधवार की शाम सड़क हादसे में चार लोगों की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ की दरिंदगी की नयी कहानी सामने आयी है. लोग जब औद्योगिक थाने पर अपना गुस्सा निकाल रहे थे, तो उस वक्त वहां मौजूद एक चौकीदार को भी बड़ी क्रूरता से आग के हवाले कर दिया. घटना के समय भटवलिया गांव का रहनेवाला 50 वर्षीय चौकीदार मदन यादव वहां लिट्टी-चोखा बना रहा था.
आग लगाने के बाद लोगों ने कमरे के दरवाजे पर पुलिस जीप लगा कर दरवाजे को जाम कर दिया.
आरोप है कि जलाने से पहले लोगों ने पहले उसकी जम कर पिटाई भी की थी. कमरा का दरवाजा बंद होने से चौकीदार रूम से निकल न सका. बताया जाता है कि उस कमरे में रहनेवाला एक एएसआइ मजबुद्दीन अहमद मौका-ए-वारदात पर नहीं था नहीं, तो उसके साथ भी अनहोनी हो सकती थी. एएसआइ अन्य पुलिसकर्मियों के साथ गोलंबर पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चला गया था, जिससे उसकी जान बच गयी.
औद्योगिक थाने में जिस समय आगजनी हुई, उस समय थाने पर तैनात चार पुलिस जवानों में से दो जवान गोलंबर पर भीड़ को नियंत्रित करने में लगे थे, जबकि थाने में मौजूद दो जवान महेश्वर प्रसाद सिंह और अनिल यादव को उग्र भीड़ के उत्पात को देख कर थाने से भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी. चर्चा यह भी है कि चौकीदार मदन यादव को इस बात की उम्मीद तक नहीं थी कि उसे भी भीड़ मार देगी.
क्योंकि वह आम लोगों के बीच मधुर संबंध रखता था. जब जवान भाग रहे थे, तो उसने कहा कि सब तो पहचानवाले ही लोग बा. हमरा के काहे मारी. इसी आत्मविश्वास के कारण वह कमरे में रह गया. बताया जा रहा है कि आक्रोशित भीड़ ने पहले हथियार से जख्मी किया फिर आग के हवाले कर दिया, जिससे सिर्फ उसके अस्थि के राख और शरीर का जला हुआ मलबा ही बच पाया.
..का हो राजा जी कहनेवाला हंसमुख मदन यादव चले गये इस दुनिया से
बक्सर : चौकीदार मदन यादव की मौत की सूचना उनके गांव में रात 11 बजे मोबाइल के जरिये परिजनों को मिली. रात में ही उनके घर के लोग औद्योगिक थाने पहुंच गये, लेकिन उग्र भीड़ के सामने कुछ न कर पाये और तब तक उनका शव राख भी हो चुका था. गांव के लोगों का कहना है कि वह हंसमुख इंसान थे. किसी से कोई झगड़ा नहीं था और बच्च हो या बूढ़ा, युवा हो या युवती हर कोई का वह हर दिल अजीज थे. सबको कहता थे.. को हो राजा जी, सब ठीक बा. बच्चे उन्हें चिढ़ाते भी थे, तो उन्हें भी इसी तरह हंसा कर चल दिया करते थे. चौकीदार मदन यादव को एक लड़का राजेश यादव है, जिसकी दो बेटियां हैं.
दोनों बेटियां तीन और व पांच साल की हैं, जबकि लड़का राजेश यादव घर पर रह कर खेतीबारी देखता है. मात्र कुछ बीघे जमीन उनके पास है, जबकि वहीं, रहनेवाले श्रीकांत पांडेय की जमीन पिछले 15 वर्षो से जोत कर अपना घर और परिवार चला रहे थे. चौकीदार मदन यादव की दो बेटियां हैं, जिनमें एक की शादी बोक्सा गांव में और दूसरे की शादी बयासी गांव में है. चौकीदारी को मिलनेवाले वेतन से पूरा परिवार सुखमय जीवन जी रहा था. मदन यादव खुद छह भाइयों में तीसरा थे. गांव में पूरा परिवार हंसता-खेलता है. चार साल पहले इनकी पत्नी की भी अजीबोगरीब तरीके से मौत हो गयी थी.
गयी थी फल लेने, घायल होकर पहुंच गयीं सदर अस्पताल
बक्सर : बुधवार को गोलंबर पर देर संध्या हुए भीषण दुर्घटना में बुरी तरह जख्मी 50 वर्षीय राम कुमारी देवी को लोगों ने सदर अस्पताल पहुंचाया. जहां उनका इलाज किया गया. दुर्घटना में घायल महिला का बायां पैर बुरी तरह टूट गया है. घायल महिला मझरिया गांव की ही हैं और घटनास्थल से महज 100 गज की दूरी पर किराये के मकान में रहती हैं. वह घटना के समय घर से गोलंबर घटनास्थल पर लगी फल की दुकान पर फल खरीद रही थीं, तभी अचानक शहर की तरफ से एक ट्रक काफी तेज रफ्तार में आया और जीप में जोरदार टक्कर मार दी. जीप असंतुलित होकर पैर को ही रौंद दिया, जिससे बुरी तरह से घायल हो गयीं. जख्मी महिला ने बताया कि यह दुर्घटना चंद सेकेंड में आंधी की तरह आयी और समाप्त हो गयी.
