बक्सर : जिस घटना पर जिले भर में बवाल होता रहा. मानवता की दुहाई दी जा रही थी. उस घटना को अंजाम किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि अपनी बेटी को कन्यादान देने वाला एक पिता ही निकला. इस घटना को जिस हैवानियत से अंजाम दिया गया था, उससे मानवता शर्मसार हो गयी.
रोहतास जिले के दिनारा की रहने वाली इंदू देवी ऊर्फ रानी पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी है, जिसकी शादी पूरे अरमान के साथ मार्च 2018 में डुमरांव थाना क्षेत्र के श्रीराम प्रसाद गुप्ता पुत्र सूरजभान प्रसाद गुप्ता के साथ हुई थी. लेकिन, विवाहिता शादी के तीन दिन बाद ही मायके वापस लौट गयी और अपने प्रेमी के साथ ही रहने की जिद्द करने लगी.
इसके कारण घर के लोग परेशान थे. इसी प्रतिष्ठा को बचाने के लिए दो दिसंबर की रात इंदू की मां शर्मिला देवी, पिता महेंद्र प्रसाद और भाई मुकेश कुमार ने उसे बोधगया चलने के लिए कहा. एक बाइक पर बाप और बेटे ने इंदू को बैठा कर इटाढ़ी के कुकुढ़ा बधार में ले आये और उसकी गोली मार कर हत्या कर दी. युवती की पहचान न हो, इसके लिए उसके शरीर पर पुआल डालकर जला दिया गया. घटनास्थल पर कुल पांच लोगों ने घटना को अंजाम दिया.
कॉल डिटेल ने सुलझायी मर्डर की गुत्थी
बक्सर. युवती हत्याकांड में शुरुआत दौर में पुलिस को कुछ समझ में नहीं आ रहा था. लेकिन, एसआइटी की टीम ने बक्सर पुलिस को दिनारा से एक युवती के लापता होने की सूचना दी. इधर, बक्सर घटना के बाद जिले की पुलिस ने घटनास्थल के समीप के टावरों से संचालित होने वाले मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल भी निकाला था.
जो धनसोई, दिनारा और इटाढ़ी के कुकुढ़ा स्थल को एक साथ जोड़ रहा था. ऐसे में एसआइटी के निर्देश पर चिह्नित किया गया, और घर पूरी तरह शक के दायर में आ गया, जिसके बाद बक्सर पुलिस ने रिटायर्ड फौजी के घर पहुंचकर पूछताछ शुरू कर दी. जिसमें मां और बेटे ने युवती की पहचान से साफ इन्कार कर दिया.
लेकिन, इसी बीच छोटी बहन ने युवती की सैंडल को पहचान लिया. हालांकि मां और भाई ने उसे भी गुमराह कर मामले को दबाना चाहा. लेकिन, पुलिस अब जान चुकी थी कि मामला यहीं का है और पुलिस ने दोनों के साथ सख्ती बरतनी शुरू कर दी. तत्काल पूछताछ के लिए उन्हें गिरफ्तार कर थाना लाया गया. जहां मां और बेटे ने सारे मामले को उगल दिया.
