थानाध्यक्ष का कहना है कि छात्रा की मौत प्राकृतिक
मृतका के पिता बोले, मेरी बच्ची को नहीं थी कोई बीमारी
बक्सर/ब्रह्मपुर : ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के चौरस्ता स्थित आलोक डीएवी स्कूल में हुई एक नर्सरी की छात्रा की मौत स्कूल के सीढ़ी से गिरकर शुक्रवार को हो गयी. वहीं ब्रह्मपुर थानाध्यक्ष एकरार अहमद बच्ची की मौत को नेचुरल डेथ बता रहे हैं. संवाददाता द्वारा जब इस बाबत उनसे टेलीफोन से संपर्क साधा गया तो उन्होंने इस बात की हामी भरी कि बच्ची की मौत स्कूल में हुई है, लेकिन यह बताने से बचते रहे कि मौत के पीछे स्कूल प्रशासन की क्या लापरवाही सामने आयी है. बगैर पोस्टमार्टम के थानाध्यक्ष यह बयान अपने आप में कई संदेह को जन्म देता है. घटना के संबंध में बताया जाता है कि चौरस्ता गांव निवासी व पेशे से मजदूर बैजनाथ प्रसाद की सात वर्षीया पुत्री नैना अपने भाई श्रीहरि के साथ प्रतिदिन पास के आलोक डीएवी स्कूल में पढ़ने जाती थी.
शुक्रवार को स्कूली की सीढ़ी चढ़ने के दौरान वह अचानक नीचे आ गिरी. आनन-फानन में बच्ची को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.मृतका के पिता बताते हैं कि हमारी पुत्री को किसी तरह की बीमारी नहीं थी. उसकी मृत्यु कैसे हो गयी यह समझ से परे है. स्कूल के प्रिंसिपल अशोक कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि बच्ची बीमार थी. प्रिंसिपल के बीमारी वाले बयान का खंडन करते हुए मृतका के पिता ने स्पष्ट कहा है कि यह गलत बात है. उसे किसी तरह की बीमारी नहीं थी. मामला चाहे जो भी हो बच्ची के शव का अंत्यपरीक्षण होना चाहिए था.
हैरत की बात यह है कि बगैर पोस्टमार्टम के थानाध्यक्ष द्वारा बच्ची की मौत को प्राकृतिक मौत ठहरा देना पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने जैसा है. इस पूरे मामले की सूक्ष्मता पूर्वक जांच की जाये तो पूरा मामला सामने आ जायेगा. मृतका के पिता मजदूरी का काम करता है. बक्सर के प्रभारी एसपी अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों व लड़की के पिता ने थाने में एक लिखित आवेदन देकर पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कही है. बावजूद इसके मामले की जांच की जायेगी.
