बीपीएससी ने सोमवार देर रात 68वी संयुक प्रतियोगिता परीकक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है . 324 रिक्तियों के विरुद्ह 322 को सफल घोषित किया गया है. पटना सिटी की प्रियांगी मेहता टॉपर बनी है. उन्हे रेवेन्यू ऑफिसर मिला है. वही, अरवल के अनुभव को दूसरा रैक प्राप्त हुआ है. तीसरे स्थान पर प्रेरणा सिंह रही है. टॉप फाइव मे तीन व टॉप टेन मे छह लड़कियां शामिल है. आयोग ने रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है. अभ्यर्थी वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देख सकते है. आयोग के सचिव रवि भूषण ने बताया कि आयोग की ओर से सफल उम्मीदवारो का कटऑफ भी क्रमवार जारी किया गया है.
आयोग ने 68वीं का इन्टरव्यू आठ जनवरी को शुरु किया था, 15 जनवरी को खत्म होने के कुछ घंटो बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया. साक्षात्कार में 817 उम्मीदवारों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें 50 उम्मीदवार अनुपस्थित रहे. आयोग ने 22 विभागों में नियुक्ति के लिए रिजल्ट जारी किया है. मालूम हो कि मुख्य लिखित परीक्षा में स्केलिंग की समस्या का समाधान करने के लिए आयोग की ओर से परीक्षा में कुछ बदलाव किया गया था. इसमें सामान्य हिंदी और ऑप्शनल विषय का पेपर 100 अंक का था. वहीं, सामान्य अध्ययन पेपर 1 और 2 तीन सौ अंक का था. इस बार निबंध का पेपर भी 300 अंक का था. इन सभी परीक्षा के लिए 3 घंटे समय निर्धारित किया गया था.
सेल्फ स्टडी से मिली सफलता : प्रियांग
प्रियांगी मेहता ने सेल्फ स्टडी से बीपीएससी में पहला स्थान हासिल किया है. वह देवी स्थान के पास पटना के संबलपुर की रहने वाली है. प्रभात खबर से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि बीपीएससी में यह पहला प्रयास था. इसके साथ ही वर्ष 2022 में पहले प्रयास में यूपीएससी भी दिया गया था, लेकिन इसे क्लियर नहीं कर सकी. इस बार उन्होंने मेन्स निकाल लिया है, सिर्फ इंटरव्यू बचा है. इसके लिए अब तक कोई मॉक टेस्ट नहीं दिया गया है.
इलेक्ट्रोनिक रिपेयरिंग शॉप चलाते हैं टॉपर के पिता
प्रियांगी बताती हैं कि उनके पिता मिथलेश कुमार इलेक्ट्रोनिक रिपेयरिंग शॉप चलाते हैं. मां गृहिणी हैं. पूरे परिवार में केवल दादाजी सेकरेट्रीएट में कलर्क थे. उन्होंने बताया कि बचपन से ही पढ़ाई से लगाव रहा है. लेकिन, मेरे इलाके में शिक्षा का स्तर बेहद नीचे है. शिक्षा की कमी व पिछड़ापन को देखते हुए ही मैंने प्रशासनिक सेवा में जाने की सोची. इसकी मदद से काफी बदलाव किया जा सकता है. यही मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत भी है. मैंने सत्यम इंटरनेशनल स्कूल से दसवीं की पढ़ाई पूरी की है, जिसमें 10 सीजीपीए मिला. वहीं, साल 2018 में बारहवीं में बिहार बोर्ड से की, जिसमें आर्ट्स (ह्यूमैनिटीज) विषय में स्टेट में दूसरा स्थान था.
अरवल के अनुभव को दूसरा रैंक
अरवल के अनुभव को दूसरा रैंक प्राप्त हुआ है. तीसरे स्थान पर प्रेरणा सिंह रही हैं. टॉप फाइव में तीन व टॉप टेन में छह लड़कियां शामिल हैं. आयोग ने रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है. अभ्यर्थी वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं. आयोग के सचिव रवि भूषण ने बताया कि आयोग की ओर से सफल उम्मीदवारों का कटऑफ भी श्रेणीवार जारी किया गया है. आयोग ने 68वीं का साक्षात्कार आठ जनवरी को शुरू किया था, 15 जनवरी को साक्षात्कार खत्म होने के कुछ घंटों बाद ही रिजल्ट जारी कर दिया.
तीसरा रैंक: प्रेरणा ने सेल्फ स्टडी से प्राप्त की सफलता
वैशाली की प्रेरणा सिंह को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि मैंने सेल्फ स्टडी से सफलता प्राप्त की है. प्रतिदिन नौ से 10 घंटे पढ़ाई पर की. पटना के बोरिंग रोड में रह कर तैयारी की. धनबाद में नानी घर है. वहीं से मैंने आइसीएससी बोर्ड से दसवीं (10 सीजीपीए) व 12वीं (89 प्रतिशत) की पढ़ाई पूरी की है. ग्रेजुएशन से ही सिविल सर्विसेज की तैयारी का सोचा था. तीसरा स्थान प्राप्त करना खुशी की बात है. घर में सभी लोग खुश हैं.
चौथी रैंक: अंजलि जोशी: अब बनी ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार
अंजलि जोशी टॉप-10 में अपना स्थान बनाया है. उन्हें चौथा स्थान प्राप्त हुआ है. इससे पहले अंजलि जोशी बीपीएससी 67वीं में भी सफलता प्राप्त कर एपीओ बनी थीं. 67वीं में उन्होंने 439 रैंक प्राप्त किया था. अंजलि ने कहा कि मेरी 12वीं तक की पढ़ाई पटना में हुई. इसके बाद एनआइटी से बीटेक की डिग्री हासिल की. ढाई साल सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब भी किया था. इसके बाद जॉब छोड़ कर तैयारी में जुट गयीं. उन्होंने बताया कि यह मेरा दूसरा प्रयास था. पहली बार में एपीओ पद मिला था. अभी ज्वाइनिंग का इंतजार था. लेकिन अब मैं 68वीं रिजल्ट के आधार पर ही ज्वाइन करूंगी. मैंने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए इस बार सही करने का प्रयास किया और चौथा रैंक प्राप्त हुआ. मुख्य परीक्षा पर ज्यादा फोकस की. उन्होंने अभ्यर्थियाें को सलाह दी कि नोट्स जरूर बनाना चाहिए. नोट्स को देखें. 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में समय है. अभी दो माह मुख्य परीक्षा पर ध्यान दें. मुख्य परीक्षा में बेहतर स्कोर रहा, तो सलेक्शन पक्का है. दो माह मुख्य पर फोकस करें. अंजलि को पिता विजय कुमार प्रसाद व माता अंजू देवी का काफी सहयोग मिला.
सौरभ ने पहले प्रयास में प्राप्त किया पांचवां रैंक
पांचवीं रैंक लाने वाले पटना के सौरभ रंजन का विषय भूगोल था. उन्होनें पहले प्रयास में ही यह सफलता प्राप्त की है़ इनके पिता कोल इंडिया से रिटायर्ड है और माता नीलम ग्रहिणी हैं. उन्होंने इसका सारा श्रेय अपने माता-पिता को दिया है. वह कहते हैं कि अगर स्टूडेंट्स चाहें, तो सभी कुछ आसान हैं. ईमानदारी से मेहनत जरूरी है. स्टूडेंट्स अभी मुख्य परीक्षा पर ध्यान दें. जो नोट्स हैं, उन्हें लिख कर पढ़ने का प्रयास करें.
टॉप टेन में पटना के तीन
टॉप-10 में पटना के तीन अभ्यर्थी शामिल हैं. पटना सिटी की प्रियांगी मेहता को पहला स्थान प्राप्त हुआ है. इसके साथ चौथे स्थान पर रही अंजलि जोशी अनिसाबाद की रहने वाली हैं. वहीं, पांचवीं रैंक पर पटना के ही सौरव रंजन रहे हैं. बीपीएससी ने सोमवार देर रात 68वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है .
टॉप 10 को मिले ये पद
1.प्रियांगी मेहता -पटना (रेवेन्यू ऑफिसर)
2.अनुभव- अरवल (ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार)
3.प्रेरणा सिंह- वैशाली (डीएसपी )
4.अंजलि जोशी- पटना (ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार)
5.सौरव रंजन-पटना (ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार)
6.आसिम खान- कैमूर (ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार)
7.अंजलि प्रभा- गया (ज्वाइंट सब रजिस्ट्रार )
8.अनुकृति मिश्रा- मधुबनी (स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर )
9.आकाश कुमार- पश्चिमी चंपारण (बिहार एजुकेशन ऑफिसर)
10.मीमांसा- भागलपुर (स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिशनर )
किस वर्ग में कितना रहा कटऑफ
वर्ग लिखित। फाइनल
अनारक्षित 447 532
अनारक्षित (महिला) — 532
इडब्ल्यूएस 432 530
इडब्ल्यूएस (महिला) — 526
अनुसूचित जाति 399 491
एससी (महिला) 393 485
अनुसूचित जनजाति 393 511
एसटी (महिला) 366 508
इबीसी 419 524
इबीसी (महिला) 417 515
बीसी 430 531
बीसी (महिला) 429 528
