शेखपुरा. बुरी नीयत से बालिका के अपहरण के मामले में एक महिला सहित दो लोगों को दोषी पाते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपए का अर्थ दंड की सजा सुनाई है. न्यायालय द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार को पीड़ित बालिका को दो लाख रूपए का सरकारी प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है. इस संबंध में जानकारी देते हुए पॉक्सो मामलों के विशेष लोक अभियोजक नैला बेगम ने बताया कि स्पीडी ट्रायल के तहत पोक्सो के विशेष न्यायाधीश कुमार अविनाश ने यह निर्णय सुनाया है. उन्होंने बताया कि पिछले साल 14 मई को नगर क्षेत्र के गिरिहिंडा़ निवासी ममता देवी और बाजितपुर गांव के सलीम डफली एक बालिका को जबरदस्ती कर उसकी नाक-मुंह बंद कर बस से अपहरण कर ले जा रहे थे. मामले में आसपास के लोगों द्वारा हल्ला मचाए जाने पर बालिका के मां के शोर मचाने पर बालिका को मुक्त किया जा सका. इस मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया. दोनों को सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए बुधवार को न्यायालय में कड़ी सुरक्षा के बीच प्रस्तुत किया गया. इस मामले में अभियोजन द्वारा पीड़िता की माता और पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ कुल छः गवाहों के प्रभावी गवाही न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया. न्यायालय ने उभय पक्ष की दलील सुनने के बाद दोनों को दोषी पाते हुए 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई. सजा पाई महिला अपने पुरुष सहयोगी के साथ झाड़ फूंक के नाम पर बालिकाओं को बहला फुसला कर अपहरण करने का प्रयास किया था.
biharsharif news. बच्ची के अपहरण के दो दोषियों को 10 साल का कारावास
पिछले साल 14 मई को नगर क्षेत्र के गिरिहिंडा़ निवासी ममता देवी और बाजितपुर गांव के सलीम डफली ने बच्ची का अपहरण किया था
