Nalanda News (अमर वर्मा): नालंदा जिले के गिरियक प्रखंड अंतर्गत पावापुरी ओपी क्षेत्र से पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचाने और बेशकीमती सरकारी भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण करने का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है. चोरसुआ गांव के खंधे में सक्रिय भू-माफियाओं द्वारा महंगे दामों पर नए प्लॉट बेचने और रास्ता बनाने के लिए वहां मौजूद दर्जनों साल पुराने हरे-भरे पेड़ों पर बेरहमी से बुलडोजर (जेसीबी) चला दिया गया. इस अमानवीय और गैर-कानूनी वारदात को मंगलवार की दोपहर को अंजाम दिया गया, जब भीषण गर्मी और जानलेवा लू के कारण पूरे गांव के लोग अपने-अपने घरों में दुबके हुए थे. इसी सन्नाटे का फायदा उठाकर भू-माफियाओं ने सरकारी पइन और अलंग को अपनी निजी संपत्ति मान लिया और तांडव शुरू कर दिया.
रास्ता बनाने के लिए उखाड़ फेंके दर्जनों पेड़, चोरसुआ गांव के ही तीन रसूखदार निकले मुख्य विलेन
जागरूक ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे काले धंधे और खेल के पीछे चोरसुआ गांव के ही कुछ रसूखदार और दबंग लोग मुख्य रूप से शामिल हैं. आरोपियों में धर्मदेव प्रसाद का पुत्र प्रवेश कुमार उर्फ बौढ़न, स्वर्गीय कैलाश महतो का पुत्र बलराम प्रसाद उर्फ बैला और स्वर्गीय विरेन्द्र महतो का पुत्र प्रमोद कुमार उर्फ बोचा शामिल हैं. ये सभी आरोपी इलाके में जमीन की अवैध खरीद-बिक्री और बिना रेरा (RERA) अप्रूवल के प्लॉटिंग का धंधा करते हैं. इनका मुख्य काम गरीब किसानों को डराकर या बहला-फुसलाकर औने-पौने दामों पर उनकी जमीनें खरीदना है और फिर उसके आस-पास की सरकारी जमीनों, पइन और अलंग पर जबरन कब्जा कर उसे वीआईपी रास्ता बताकर ऊंचे दामों पर नए खरीदारों को बेचना है.
ग्रामीणों की सजगता से वन विभाग और पुलिस ने मारा छापा, भाग निकले मजदूर पर जेसीबी रंगे हाथ जब्त
मंगलवार को जब जेसीबी की तेज गर्जना के साथ अलंग के किनारे लगे पर्यावरण रक्षक पेड़ धड़ाधड़ जमीन पर गिरने लगे, तो गांव के कुछ सजग युवाओं ने इसकी लाइव वीडियो बना ली. ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत इसकी गुप्त सूचना गिरियक के अंचलाधिकारी (CO), पावापुरी थानाध्यक्ष और वन विभाग की टीम को दी. सूचना मिलते ही गिरियक सीओ तुरंत एक्टिव मोड में आ गए और उन्होंने राजस्व निरीक्षक (CI) को जांच के लिए मौके पर भेजा. पावापुरी ओपी पुलिस, राजस्व कर्मी और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से घटनास्थल पर घेराबंदी कर छापेमारी की. टीम ने मौके से सरकारी जमीन को तहस-नहस करते हुए और पेड़ों को उखाड़ते हुए एक बड़ी पीली जेसीबी मशीन को रंगे हाथ जब्त कर लिया. हालांकि, पुलिस के सायरन की आवाज सुनते ही काम पर लगे मजदूर, चालक और मुख्य भू-माफिया खेतों के रास्ते भागने में सफल रहे.
जेसीबी मालिक ने खोली बौढ़न की पोल, ग्रामीणों ने लगाया सीआई पर साठगांठ का बड़ा आरोप
मामले में जब्त जेसीबी के मालिक अस्थावां थाना क्षेत्र के उगमा गांव निवासी मनोज कुमार ने पुलिस के सामने अपनी लिखित सफाई पेश की है. उनका कहना है कि चोरसुआ निवासी प्रवेश कुमार उर्फ बौढ़न ने उनसे सिर्फ अपना निजी खेत समतल (प्लेन) कराने के नाम पर जेसीबी भाड़े पर ली थी. लेकिन जब गाड़ी वहां पहुंची, तो इन रसूखदार आरोपियों ने चालक को जान से मारने की धमकी दी, उसे डराया-धमकाया और जबरन सरकारी अलंग के किनारे लगे पेड़ों को उखाड़कर नया रास्ता बनवाने लगे.
इस पूरे मामले में स्थानीय राजस्व कर्मचारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं. ग्रामीणों ने खुलेआम आरोप लगाया है कि जांच के लिए पहुंचे अंचल निरीक्षक (CI) ने मौके पर काटे और उखाड़े गए पेड़ों की वास्तविक संख्या को कागजों पर काफी कम करके दिखाया है, ताकि रसूखदार आरोपियों को कोर्ट से आसानी से ढील मिल सके. चर्चा यह भी है कि इस करोड़ों के अवैध प्लॉटिंग धंधे में भू-माफियाओं को जिले के कुछ सफेदपोश नेताओं का भी वरदहस्त प्राप्त है. फिलहाल, इस महा-फर्जीवाड़े की गंभीरता को देखते हुए गिरियक अंचलाधिकारी के लिखित बयान पर स्थानीय थाने में तीनों नामजद आरोपियों और अज्ञात जेसीबी चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी गई है. पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, हालांकि वन विभाग की टीम ने इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साध रखी है.
