बिहारशरीफ सदर अस्पताल में 16 जून से चालू होगा 4 बेड का ICU वार्ड, वेंटिलेटर और आधुनिक उपकरणों से होगा लैस
Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 09 Jun 2026 5:27 PM
अस्पताल की तस्वीर
Nalanda News: बिहारशरीफ मॉडल सदर अस्पताल में 4 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू वार्ड बनकर तैयार हो रहा है. सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह और डीपीएम श्याम कुमार निर्मल ने किया निरीक्षण. गंभीर मरीजों को अब नहीं जाना पड़ेगा बाहर. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
Nalanda News (रणजीत सिंह): नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ स्थित मॉडल सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहद अत्याधुनिक और लाइफ-सेविंग बनाने की दिशा में जिला स्वास्थ्य समिति ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. जिले के गंभीर और क्रिटिकल मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सदर अस्पताल परिसर में 4 बेड के सर्वसुविधायुक्त आईसीयू (ICU) वार्ड का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. इस निर्माणाधीन वार्ड की प्रगति और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह और जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम श्याम कुमार निर्मल ने भारी प्रशासनिक टीम के साथ औचक निरीक्षण किया.
16 जून से मरीजों के लिए खुल जाएगा वार्ड, कप्तानों ने समय पर काम पूरा करने का दिया अल्टीमेटम
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन और डीपीएम ने वार्ड के चप्पे-चप्पे का मुआयना किया और निर्माण कार्य में लगी तकनीकी टीम को कड़े निर्देश जारी किए. सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने दोटूक कहा कि आगामी 16 जून से इस आईसीयू वार्ड को हर हाल में चालू कर दिया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों का इलाज तुरंत शुरू हो सके. उन्होंने ऑन-स्पॉट मौजूद अधिकारियों को हिदायत दी कि सभी हाई-टेक मेडिकल उपकरणों की इंस्टॉलेशन और उनकी गुणवत्ता की बारीक जांच समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाए, ताकि एन वक्त पर कोई तकनीकी रुकावट न आए.
मैकेनिकल वेंटिलेटर और सिरिंज पंप से लैस होगा वार्ड, प्राइवेट अस्पतालों जैसी मिलेंगी सुविधाएं
अस्पताल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए 4 बेड के आईसीयू वार्ड को किसी भी बड़े प्राइवेट अस्पताल की तरह ही अत्याधुनिक चिकित्सा संसाधनों से लैस किया जा रहा है. इस वार्ड में मल्टी-पैरा पेशेंट मॉनिटर, मैकेनिकल वेंटिलेटर (Mechanical Ventilator), इन्फ्यूजन और सिरिंज पंप, डिफाइब्रिलेटर, ईसीजी (ECG) मशीन, सक्शन मशीन और हाई-एक्यूरेसी पल्स ऑक्सीमीटर जैसे बेहद जरूरी लाइफ-सपोर्टिंग उपकरण लगाए जा रहे हैं. इन उपकरणों की मदद से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को गंभीर मरीजों की पल्स, ऑक्सीजन और वेंटिलेशन की पल-पल की सटीक मॉनिटरिंग करने और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मेडिकल रिस्पॉन्स देने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी.
रेफरल सिस्टम पर लगेगी लगाम, स्टाफ और डॉक्टरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आखिरी दौर में
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम श्याम कुमार निर्मल ने इस प्रोजेक्ट की उपयोगिता पर बात करते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता था कि हेड इंजरी, कार्डियक अरेस्ट या मल्टीपल ऑर्गन फेलियर जैसी गंभीर स्थितियों में मरीजों को पटना या पीएमसीएच रेफर करना पड़ता था, जिससे रास्ते में ही कई मरीजों की जान चली जाती थी. लेकिन अब इस क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) के शुरू होने से मरीजों को घर के पास ही निशुल्क और बेहतर इलाज मिलेगा, जिससे मरीजों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाएगी.
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन, प्रसिद्ध हेल्थ मैनेजर मोहम्मद इमरान और सीनियर एकाउंटेंट सुरजीत कुमार समेत जिले के कई वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे. अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आईसीयू वार्ड के सुचारू संचालन के लिए चुनिंदा पैरामेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है और उनकी विशेष तकनीकी ट्रेनिंग का काम भी अपने अंतिम चरण में है. 16 जून की सुबह इस वार्ड का आधिकारिक तौर पर संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
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