प्रतिनिधि, राजगीर.
17 मई से शुरू होकर एक महीने तक चलने वाले मलमास मेला को लेकर राजगीर अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की व्यापक तैयारियां की जा रही है. प्रशासन का उद्देश्य इस धार्मिक आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाना है. मेला के दौरान विधि-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए एक मेला थाना युवा छात्रावास में तथा एक सहायक मेला थाना ब्रह्मकुंड क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा. इसके अलावा 34 पुलिस चौकियां (टीओपी) विभिन्न स्थानों पर खोली जाएंगी, ताकि हर क्षेत्र में पुलिस की त्वरित पहुंच सुनिश्चित हो सके. डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी. हर बिंदु पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. भीड़ नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने विशेष रणनीति तैयार की है. ब्रह्मकुंड क्षेत्र, जो मेले का सबसे संवेदनशील व प्रमुख और भीड़भाड़ वाला इलाका माना जाता है. उसे 37 सेक्टरों में विभाजित किया गया है. प्रत्येक सेक्टर में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. इसके साथ ही पूरे मेला क्षेत्र को सात जोन में बांटकर प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी डीएसपी या पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को सौंपी जायेगी, ताकि समन्वय और नियंत्रण बेहतर तरीके से हो सके. श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए आठ स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. वहीं 27 जगहों पर ड्रॉप गेट बनाए जाएंगे, जहां वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जायेगी. इससे भीड़भाड़ और जाम की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी. प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मेला क्षेत्र में सड़क किनारे पंडाल और दुकानें लगाने वाले लोग फुटपाथ के बाद कम से कम पांच फीट जगह खाली छोड़ेंगे, ताकि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और प्रशासनिक गाड़ियां आसानी से गुजर सके. उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 16 स्थानों पर वॉच टावर बनाये जाएंगे. इन टावरों से पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी असामान्य स्थिति पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी. इसके अलावा 17 महत्वपूर्ण स्थानों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की विशेष तैनाती की जाएगी. मेला क्षेत्र के बाहर भी तीन वाहन गश्ती दल दिन-रात गश्त करते रहेंगे, जिससे बाहरी इलाकों में भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता और डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि मेला का आयोजन राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाएगा. मेला क्षेत्र में लगने वाले सर्कस, थियेटर, दुकानें और अन्य मनोरंजन केंद्र भी इन्हीं गाइड लाइनों के अनुसार स्थापित किए जाएंगे. आदेश के सख्ती से पालन के लिए एक दंडाधिकारी, तीन पुलिस अवर निरीक्षक और एक अमीन की विशेष रूप से मेला क्षेत्र में तैनाती की गई है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आपदा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कुंड स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिग-जैग, बैरिकेडिंग, बफर जोन और होल्डिंग जोन बनाया जायेगा. इससे भीड़ को नियंत्रित किया जायेगा. ब्रह्मकुंड, सूर्यकुंड, वैतरणी नदी, सरस्वती नदी सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर सेवा देने वाले पंडाओं को प्रशासन द्वारा पहचान पत्र जारी किया जायेगा. बिना पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को इन स्थलों पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों के समन्वय और सख्त निगरानी के जरिए इस बार मलमास मेला को पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
