बिहार में महिलाओं के हाथ में मोबाइल-बैंक खाता, लेकिन कमाई में अब भी पीछे, NFHS-6 के आंकड़ों में जिलों का चौंकाने वाला अंतर

Bihar News: बिहार में महिलाओं की डिजिटल और वित्तीय पहुंच बढ़ी है. बड़ी संख्या में महिलाएं मोबाइल और बैंक खाते का इस्तेमाल कर रही हैं. लेकिन कमाई के मामले में तस्वीर अब भी कमजोर है. NFHS-6 की रिपोर्ट में जिलों के बीच भी बड़ा अंतर सामने आया है.

Bihar News: (सविता की रिपोर्ट) बिहार में महिलाओं की डिजिटल और वित्तीय पहुंच तेजी से बढ़ी है. बड़ी संख्या में महिलाएं मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रही हैं. बैंक खाते भी उनके आर्थिक जीवन का अहम हिस्सा बन रहे हैं. हालांकि, कमाई और आर्थिक आत्मनिर्भरता के मामले में तस्वीर अभी उतनी मजबूत नहीं है.

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) की जिलावार रिपोर्ट में महिलाओं की स्थिति को लेकर कई अहम आंकड़े सामने आए हैं. रिपोर्ट बताती है कि डिजिटल पहुंच और बैंकिंग के क्षेत्र में सुधार हुआ है. वहीं, स्वरोजगार और नकद आय के अवसर अब भी सीमित हैं.

घर के बड़े फैसलों में महिलाओं की भागीदारी थोड़ी घटी

रिपोर्ट के मुताबिक, घर के अहम फैसलों में भागीदारी करने वाली विवाहित महिलाओं का आंकड़ा 85.1% रहा. NFHS (National Family Health Survey)-5 में यह आंकड़ा 86.5% था.

शहरी बिहार में महिलाओं की भागीदारी 89% है. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा 84.5% है.

यानी शहरों में महिलाओं की निर्णय लेने की हिस्सेदारी गांवों के मुकाबले थोड़ी बेहतर है.

कमाई के मामले में अब भी बड़ी चुनौती

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर आंकड़े ज्यादा उत्साहजनक नहीं हैं. पिछले 12 महीनों में काम करने वाली और बदले में नकद भुगतान पाने वाली महिलाओं का आंकड़ा सिर्फ 16.5% रहा.

हालांकि, NFHS-5 के 12.6% के मुकाबले इसमें सुधार हुआ है. लेकिन शहरी बिहार में स्थिति और कमजोर है. यहां सिर्फ 11.6% महिलाएं काम के बदले नकद भुगतान प्राप्त करती हैं.

यह आंकड़ा बताता है कि मोबाइल और बैंक खाते तक पहुंच बढ़ने के बावजूद महिलाओं के लिए नियमित कमाई के अवसर अभी भी सीमित हैं.

मोबाइल इस्तेमाल में दरभंगा की महिलाएं सबसे आगे

NFHS-6 के जिलावार आंकड़ों में बिहार के अलग-अलग जिलों के बीच बड़ा अंतर भी सामने आया है.

दरभंगा की महिलाएं मोबाइल फोन के इस्तेमाल और पहुंच के मामले में पूरे राज्य में सबसे आगे हैं. जिले की 70.3% महिलाओं के पास अपना मोबाइल फोन है.

इसके बाद भागलपुर 66% और मुंगेर 64.4% के साथ आगे हैं.

यह आंकड़ा बताता है कि बिहार में महिलाओं की डिजिटल पहुंच बढ़ रही है. हालांकि, अलग-अलग जिलों में इसकी रफ्तार एक जैसी नहीं है.

बैंक खाते के इस्तेमाल में भागलपुर अव्वल

महिलाओं की वित्तीय पहुंच की बात करें तो भागलपुर सबसे आगे है. जिले की 93.4% महिलाएं अपने बैंक खाते का इस्तेमाल खुद करती हैं.

राज्य के ज्यादातर प्रमुख जिलों में भी यह आंकड़ा 90% के आसपास या उससे अधिक है. इससे पता चलता है कि महिलाओं का बैंकिंग सिस्टम से जुड़ाव मजबूत हुआ है.

हाइजीन के मामले में मुंगेर सबसे आगे

महिलाओं की स्वच्छता और हाइजीन से जुड़ी सुविधाओं में भी जिलों के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है.

मुंगेर इस मामले में सबसे आगे है. जिले की 78.5% महिलाएं सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल करती हैं.

वहीं, दूसरी ओर अररिया और बक्सर की स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है.

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अररिया और बक्सर में स्थिति चिंताजनक

अररिया में सिर्फ 48% महिलाएं सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल करती हैं. बक्सर में यह आंकड़ा 48.3% है.

यानी इन दोनों जिलों में आधे से ज्यादा महिलाएं अब भी असुरक्षित साधनों पर निर्भर हैं. इससे साफ है कि महिलाओं की स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं की पहुंच में जिलावार बड़ा अंतर मौजूद है.

मोबाइल और बैंकिंग आगे, कमाई पीछे

NFHS-6 के आंकड़े बिहार की महिलाओं की स्थिति की एक मिली-जुली तस्वीर पेश करते हैं. मोबाइल और बैंक खाते तक पहुंच मजबूत हुई है. महिलाएं डिजिटल और वित्तीय सेवाओं से तेजी से जुड़ रही हैं.

लेकिन दूसरी तरफ, काम के बदले नकद आय पाने वाली महिलाओं की संख्या अभी भी कम है. ऐसे में महिलाओं को सिर्फ बैंकिंग और डिजिटल सुविधा से जोड़ना ही पर्याप्त नहीं होगा. उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और नियमित आय के अवसर उपलब्ध कराना भी बड़ी चुनौती है.

कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि बिहार में महिलाओं के डिजिटल और वित्तीय सशक्तीकरण ने रफ्तार पकड़ी है, लेकिन आर्थिक आत्मनिर्भरता की मंजिल अभी दूर है.

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लेखक के बारे में

By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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